पटना बिहार/Etv News 24
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर में कई ऐसे लोग रहे हैं, जिन्होंने लंबे समय तक उनके साथ पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई है। इनमें हरेंद्र सिंह का नाम विशेष रूप से लिया जाता है। करीब 35 वर्षों से नीतीश कुमार के साथ अंगरक्षक के रूप में जुड़े हरेंद्र सिंह आज उनके बेहद विश्वासपात्र सहयोगियों में माने जाते हैं।
नीतीश कुमार के हरनौत विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहने के समय से ही हरेंद्र सिंह उनके साथ जुड़े हैं और केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक से लेकर लंबे समय तक मुख्यमंत्री तथा पूर्व मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचने के सफर में लगातार उनके साथ रहे हैं। इस दौरान हरेंद्र सिंह ने लक्ष्मण की तरह छोटे भाई की भूमिका निभाते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
हरेंद्र सिंह की पहचान केवल एक अंगरक्षक के रूप में नहीं, बल्कि नीतीश कुमार के बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी के रूप में बनी है। मृदुभाषी व्यवहार, सामान्य रहन-सहन, सहज स्वभाव और ईमानदारी उनकी प्रमुख विशेषताओं में गिनी जाती हैं। वे हमेशा अपने दायित्व के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे हैं।
बताया जाता है कि नीतीश कुमार से मिलने के लिए किसी बड़े ओहदे या विशेष पहचान की जरूरत नहीं होती। सामान्य व्यक्ति भी संपर्क करने पर उनसे मुलाकात कर सकता है। यह सहजता नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर से लेकर आज तक देखने को मिलती रही है।
हरेंद्र सिंह ने नीतीश कुमार के साथ-साथ उनके पुत्र निशांत कुमार के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया है। लंबे समय की निष्ठा और विश्वास के कारण वे धीरे-धीरे नीतीश कुमार के पारिवारिक दायरे का हिस्सा बन गए हैं।
हरेंद्र सिंह को जानने वाले लोग कहते हैं कि उन्हें सम्मान और पहचान किसी पद के कारण नहीं, बल्कि वर्षों की ईमानदारी, वफादारी और समर्पण के कारण मिली है। उनके बारे में तरह-तरह की चर्चाएं और आरोप लगाए जाते रहे हैं, लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि इनमें कोई आधार नहीं है। उनका मानना है कि वर्षों की निष्ठा को किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होती।
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि नीतीश कुमार के साथ करीब साढ़े तीन दशक का उनका सफर अपने आप में विश्वास, निष्ठा और समर्पण की एक लंबी मिसाल है।




