Etv News 24/ब्यूरो एजेंसी
नेपाल में बाढ़ से आई तबाही का मंजर विचलित कर रहा है। भारत के लोग बड़ी संख्या में लापता हैं। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश के लापता लोगों की तलाश जारी है। भारतीय वायुसेना (IAF) का विमान राहत और बचाव कार्य में मदद कर रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा नेपाल से लगती है, ऐसे में संवेदनशील इलाकों और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी हो रही है।विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद अमेरिका और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने नेपाल को समर्थन दिया है और एकजुटता व्यक्त की है। वाशिंगटन ने 500,000 अमेरिकी डॉलर की सहायता की घोषणा की है और डब्ल्यूएचओ ने आपातकालीन चिकित्सा सामग्री भेजी है। अमेरिकी विदेश मामलों की उप सचिव एलिसन एम. हूकर ने कहा कि उन्होंने नेपाल के विदेश मंत्री शिसिर खनाल से चल रहे खोज और बचाव प्रयासों के बारे में बात की, जिसमें लापता अमेरिकी नागरिकों का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास भी शामिल हैं।वहीं, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के नेपाल कार्यालय ने स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर आपूर्ति में सहयोग के लिए दवाओं और बहुउद्देशीय टेंट सहित आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति जुटाकर भेजी है।चीन और नेपाल की सीमा से लगे क्षेत्र में आई भीषण अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। 1400 से अधिक लोग लापता हैं।प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है, जो ट्रेकिंग, गाइडेड टूर या पवित्र हिंदू तीर्थस्थल की यात्रा के लिए क्षेत्र में पहुंचे थे। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 910 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अब तक 50 विदेशी नागरिकों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला गया है। लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिस के 85 सुरक्षाकर्मी तथा रसुवा जिले के 161 स्थानीय निवासी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर रिपोर्टिंग और बचाव कार्यों के बीच समन्वय की कमी के कारण हो सकता है।




