AQI गंभीर श्रेणी में पहुंचा, GRAP-3 की पाबंदियां लागू
पांचवीं तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई की व्यवस्था
कमजोर हवाओं के कारण प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम, बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर मंडराया खतरा
नई दिल्ली/Etv News 24/संवाददाता वागीश
दीपावली से पहले ही राजधानी दिल्ली की हवा जहरीली होने लगी है। वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। कमजोर हवाओं के चलते प्रदूषित कण वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन की ओर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण यानी GRAP-3 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके अंतर्गत निर्माण एवं ध्वस्तीकरण संबंधी गतिविधियों पर रोक लगाने सहित प्रदूषण फैलाने वाले कार्यों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य हवा में प्रदूषक तत्वों की मात्रा कम करना और लोगों को जहरीली हवा के दुष्प्रभावों से बचाना है।
कमजोर हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजह बन रही हैं। हवा की रफ्तार कम होने के कारण धूल और प्रदूषणकारी कण वातावरण में लंबे समय तक बने हुए हैं। कई इलाकों में धुंध की मोटी चादर दिखाई दे रही है। दीपावली से पहले वायु गुणवत्ता का इस स्तर तक गिरना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए हाइब्रिड व्यवस्था
प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। इसके तहत स्कूलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई का विकल्प दिया जा रहा है, ताकि छोटे बच्चों को प्रदूषित वातावरण में अधिक समय तक रहने से बचाया जा सके।
विशेषज्ञों के मुताबिक जहरीली हवा के संपर्क में रहने से सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, खांसी और फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। दीपावली के दौरान प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका के बीच प्रशासन के सामने राजधानी की हवा को स्वच्छ बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।




