शिक्षा से दूर हो रहे बच्चों को स्कूलों तक लाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री 4.60 लाख विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति-शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि
छात्रवृत्ति-शुल्क प्रतिपूर्ति कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी का संबोधन
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को लेकर देश और दुनिया में प्रदेश की एक अलग छवि बन गई थी। दंगे, कर्फ्यू और सरेआम गुंडागर्दी जैसी घटनाएं प्रदेश की पहचान से जुड़ गई थीं। सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव किए हैं। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण नहीं रुकनी चाहिए। इसी सोच के साथ सरकार पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचा रही है।
कार्यक्रम के दौरान 4.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि का अंतरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में ड्रॉपआउट रेट 19 से 20 प्रतिशत तक पहुंच गया था। बड़ी संख्या में बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते थे। सरकार ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ता है। सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे लाभार्थियों को समय से सहायता मिलने के साथ व्यवस्था में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास के साथ शिक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति किसी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने और अधिक से अधिक युवा उच्च शिक्षा हासिल कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।




