तीन सेक्टरों में बांटा बसपा संगठन
ईशान आनंद को राष्ट्रीयसंयोजक की जिम्मेदारी
19 राज्यों की कमान बांटकर 2027 से पहले संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की कवायद
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने संगठन में बड़ा फेरबदल कर उत्तर प्रदेश को अपनी प्राथमिकता के केंद्र में रखा है। देशभर के संगठन को तीन सेक्टरों में बांटते हुए मायावती ने यूपी और उत्तराखंड वाले सेक्टर की कमान खुद संभाली है। ऐसे में संगठनात्मक पुनर्गठन को उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति पर बसपा के फोकस से जोड़कर देखा जा रहा है।
बसपा ने सेक्टर-1 में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा है।
इसकी निगरानी मायावती स्वयं करेंगी जबकि लखनऊ स्थित केंद्रीय कार्यालय भी संगठनात्मक गतिविधियों पर नजर रखेगा। यह व्यवस्था ऐसे समय की गई है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे राजनीतिक दलों के एजेंडे के केंद्र में आ रही हैं।
19 राज्यों में जिम्मेदारियां बांटकर संगठन को सक्रिय करने की तैयारी
सेक्टर-2 में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड समेत 10 राज्यों को रखा गया है। इनकी जिम्मेदारी रामजी गौतम और सुरेश राव को दी गई है। सेक्टर-3 में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल समेत नौ राज्यों की जिम्मेदारी राजाराम और अतर सिंह राव को सौंपी गई है।
आकाश के बाद ईशान को आगे कर मायावती ने बदला संगठन का चेहरा
संगठनात्मक बदलाव में मायावती के छोटे भतीजे ईशान आनंद की नई भूमिका भी अहम है। 23 सितंबर को लखनऊ में हुई बैठक में उन्हें राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया। इससे पहले मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किया था। इस बदलाव के बाद ईशान आनंद को राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलना बसपा के भीतर नेतृत्व और संगठन संचालन की नई व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है। यूपी की कमान अपने हाथ में रखकर मायावती ने प्रदेश संगठन पर केंद्रीय नेतृत्व की सीधी निगरानी का संकेत भी दिया है।




