ज्ञानारंभ समारोह में नवप्रवेशी बीएड विद्यार्थियों को आदर्श शिक्षक बनने की दी प्रेरणा
अध्यक्ष संजय सिंह बोले- शिक्षक योग्य पीढ़ी तैयार कर समाज को देता है नई दिशा
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
जनपद सुलतानपुर मे आराणा प्रताप पीजी कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में शनिवार को बीएड प्रथम वर्ष के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए ज्ञानारंभ समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों को शिक्षक प्रशिक्षण की महत्ता, शैक्षणिक अनुशासन और समाज में शिक्षक की भूमिका से अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक बनना महज रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक पीढ़ी के निर्माण की जिम्मेदारी स्वीकार करना है।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पार्चन से हुआ। सपना पांडेय ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। संचालन डॉ. संतोष अंश ने किया। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि बीएड में प्रवेश केवल डिग्री हासिल करने की शुरुआत नहीं, बल्कि विद्यार्थी से शिक्षक और ज्ञान से संस्कार की ओर बढ़ने वाली यात्रा है। शिक्षक विषय का अध्यापन करने के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और जीवन को दिशा देता है।समारोह में महाविद्यालय अध्यक्ष संजय सिंह ‘एडवोकेट’, प्रबंधक बालचंद्र सिंह ‘एडवोकेट’, उप प्राचार्या एवं अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. निशा सिंह, बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह, शांतिलता कुमारी, डॉ. सीमा सिंह और डॉ. संतोष अंश का अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। शिक्षक दिवस पर स्वास्थ्य कारणों से अनुपस्थित रहीं उप प्राचार्या प्रो. डॉ. निशा सिंह को भी शिक्षक दिवस सम्मान प्रदान किया गया। अध्यक्ष संजय सिंह ने उन्हें सम्मानित किया।बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह ने विद्यार्थियों को शिक्षक प्रशिक्षण के उद्देश्य, पाठ्यक्रम और शैक्षणिक अनुशासन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र की दिशा तय करते हैं। शिक्षक के आचरण और ज्ञान का प्रभाव पूरी पीढ़ी पर पड़ता है। उप प्राचार्या प्रो. डॉ. निशा सिंह ने शिक्षा, भाषा, व्यक्तित्व विकास और निरंतर अध्ययन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति संस्कार के रूप में परिलक्षित होती है और शिक्षा का लक्ष्य हृदय की विशालता से जुड़ा है। पूर्व विद्यार्थी सत्यम त्रिपाठी ने बीएड के दौरान अपने अनुभव और शिक्षक बनने की यात्रा साझा की। पूर्व छात्रा एवं शिक्षिका अंशिका सिंह ने विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की मुख्य परीक्षा के लिए चयनित पूर्व छात्रा शिवानी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अनुशासन, निरंतर अध्ययन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता के बारे में मार्गदर्शन दिया। पूर्व छात्र छोटेलाल मौर्य ने पद्य के माध्यम से अपने भाव व्यक्त किए।प्रबंधक बालचंद्र सिंह ‘एडवोकेट’ ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए शैक्षणिक जीवन में अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय अध्यक्ष संजय सिंह ‘एडवोकेट’ ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थी को शिखर तक पहुंचाने का कार्य करता है और समाज व राष्ट्र के लिए योग्य पीढ़ी तैयार करता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का परिसर से जुड़ाव उनके चौमुखी विकास के लिए जरूरी है। परिसर में रहकर विद्यार्थी ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास भी सीखते हैं।अंत में डॉ. सीमा सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का औपचारिक समापन हुआ।




