कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
राहुल बोले- चुपचाप खोला फीस का रास्ता, अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप
नई दिल्ली/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
UPI लेन-देन पर शुल्क लगाने की संभावनाओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने और अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय डिजिटल भुगतान बाजार में रास्ता आसान करने की कवायद तो नहीं है।राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर कहा कि सरकार की ओर से ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाने की गुंजाइश पैदा की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि संख्या के लिहाज से ऐसे लेन-देन भले ही UPI के कुल ट्रांजैक्शन का करीब पांच प्रतिशत हों, लेकिन इनके जरिये होने वाले भुगतान का मूल्य कुल UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू का लगभग 65 प्रतिशत है।डिजिटल भुगतान की रीढ़ UPI पर सियासत तेजराहुल गांधी के इस बयान के बाद UPI शुल्क का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस का कहना है कि UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को आम आदमी, छोटे कारोबारियों और व्यापारियों के लिए बेहद आसान बनाया है। ऐसे में किसी भी तरह का शुल्क लागू करने से डिजिटल भुगतान की लागत बढ़ सकती है और इसका असर कारोबारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।कांग्रेस ने केंद्र सरकार से स्पष्ट करने की मांग की है कि क्या ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR लगाने की कोई योजना है। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि ऐसा कोई प्रस्ताव है तो इसके पीछे सरकार की नीति क्या है और इसका लाभ किसे मिलेगा।अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप राहुल गांधी ने UPI शुल्क के मुद्दे को सीधे अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जोड़ते हुए अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए भारतीय डिजिटल भुगतान व्यवस्था में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है।कांग्रेस के इस हमले से साफ है कि आने वाले दिनों में UPI शुल्क का मुद्दा संसद से लेकर राजनीतिक मंचों तक गरमा सकता है। विपक्ष इसे आम उपभोक्ता और छोटे व्यापारियों से जुड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।




