सीओ द्वारा आवंटित जगह रजबा के महमदीपुर में स्थानीय लोगों के विरोध के कारण उजड़े परिवारों को लौटना पड़ा
फिलहाल उजाड़े गये परिवार सड़क किनारे खानाबदोश की तरह ठहरे हुए हैं
प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
ताजपुर/समस्तीपुर भारत माला सड़क निर्माण को लेकर उजाड़े गये दलित बस्ती बहादुरनगर के दर्जनों भूमिहीन परिवार को पुनर्वास नहीं कराए जाने के कारण अपने बाल-बच्चे, मवेशी आदि को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं।बुधवार को बड़ी संख्या में पुलिस बल, अधिकारी जेसीबी, ट्रेक्टर, क्रेन आदि लेकर बहादुरनगर पहुंचे और पुस्तैनी बसे परिवारों के घरों को तोड़ने लगा। चूल्हा, चौकी, टाटी, एसबेस्टर, पीलर, खंभा, बिजली आदि नोंच-नोंचकर हटाने लगे। महिलाएं इसका प्रतिरोध कर रही थीं लेकिन प्रशासन कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। महिलाएं रो-रो कर अपना बिखड़ा पड़ा सामान समेट रहीं थीं।भाकपा माले के नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता आदि ने अनुमंडलाधिकारी दीलीप कुमार से टेलीफोनिक वार्ता के बाद सीओ आरती कुमारी, आरओ रोहन रंजन से वार्ता कर कुछ समान हटाने का कुछ वक्त मांगा एवं अधिकारियों के वादानुसार भूमिहीन परिवारों को बसाने की मांग सार्वजनिक तौर पर किया। 10-12 परिवारों को सीओ द्वारा भूमि-पर्चा देकर बसाने की बात कहा गया।

उजड़े परिवार अपने-अपने सामान लेकर रजबा के महमदीपुर में गये लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण वेलोग बेरंग लौट गया। पुनः अपना सामान पुराने स्थल बहादुरनगर सड़क किनारे रखकर सड़क जाम पर उतारू हो गये लेकिन भाकपा माले नेताओं द्वारा मध्यस्तता करने पर सीओ-आरओ द्वारा पर्चा-भूमि देकर कुछ दिनों में बसाने की घोषणा की गई।उजड़े परिवार तत्काल किंकर्तव्यविमूढ़ है। भूख से मवेशी चिल्ला रहा है। भूखे बच्चे बिलबिला रहे हैं। चहुंओर सुशासन सरकार के दलित-गरीब विरोधी प्रशासन का आलोचना सुनने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि जब भूमिहीनों को पर्चा-जमीन देकर बसाने का कानून है तो प्रशासन को उजाड़ने से पहले बसाना चाहिए।



