वाराणसी/उत्तर प्रदेश/ Etv News 24
दालमंडी चौड़ीकरण के क्रम में शुक्रवार को घोषणा के बाद शनिवार की सुबह बुलडोजर कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कुल 45 भवनों का ध्वस्तीकरण हो रहा है।भवनों को गिराने के लिए सूचना पूर्व में दी जा चुकी है। वहीं सुरक्षा कारणों से दालमंडी में पुलिस बलों की तैनाती भी की गई है। जबकि प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया। उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर बाद कार्रवाई की जा सकती है। बताया गया कि इन मकानों मे 25 मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है,जबकि 20 मकान नगर निगम ने जर्जर घोषित किया हैदालमंडी में पीडब्ल्यूडी ने 45 भवनों को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया था। दालमंडी में बुलडोजर एक्शन के डर से सन्नाटा पसरा रहा। ध्वस्तीकरण के विरोध के चलते दुकानों पर ताला लटका मिला। शनिवार से शुरू होगी ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई के तहत तीन दिनों के भीतर 45 चिन्हित भवन ढहाए जाएंगे। सुबह 10 बजे से बुलडोजर एक्शन शुरू होना था लेकिन बड़ी संख्या में फोर्स तैनात होने के बाद दोपहर में कार्रवाई शुरू हुई। दालमंडी चौड़ीकरण में अब तक 181 में से 61 भवनों की रजिस्ट्री पूरी प्रशासन ने 39 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। दालमंडी क्षेत्र में चल रहे चौड़ीकरण कार्य के तहत 45 भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। इस कार्रवाई के लिए बुलडोजर शनिवार की सुबह मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को लेकर सभी आवश्यक सूचनाएं पूर्व में संबंधित भवन मालिकों को दी जा चुकी हैं। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी सख्त किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चलते स्थानीय व्यापारियों में चिंता का माहौल है। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद कर दिया है और ताले लटका दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शनिवार से शुरू होगी और इसे तीन दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी ने 45 भवनों को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की। उम्मीद की जा रही है कि दोपहर के समय कार्रवाई शुरू की जाएगी।दालमंडी चौड़ीकरण के इस कार्य में अब तक 181 भवनों में से 61 भवनों की रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है। प्रशासन ने इस कार्य के लिए 39 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह कार्य क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए किया जा रहा है, जिससे लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से अपील की है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर उन्हें उचित समय दिया जाए ताकि वे अपनी संपत्तियों को सुरक्षित कर सकें। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई आवश्यक है और इसे समय पर पूरा किया जाएगा।



