डीएम ने सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश 28 से 31 अक्टूबर तक भारी बारिश
वज्रपात और आंधी की चेतावनी; अस्पतालों से लेकर पंचायत भवनों तक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश किसानों
बच्चों और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश / etv news24 / ब्यूरो एजेंसी लखनऊ
लखनऊ के जनपद सुल्तानपुर बंगाल की खाड़ी में उठ रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने मौसम की संभावित प्रतिकूल परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) की ओर से 28 से 31 अक्टूबर तक भारी वर्षा, वज्रपात और आंधी-तूफान को लेकर जारी चेतावनी के मद्देनजर डीएम की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ आपात बैठक की गई। इसमें जनसामान्य की सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्यों और विभागीय तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
गांवों में सतर्कता, जर्जर भवनों को चिह्नित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और लेखपाल अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को मौसम के संभावित खतरे के प्रति जागरूक करें। जर्जर भवनों को चिह्नित करने के साथ ही किसी भी आपदा की स्थिति में जनहानि, पशुहानि तथा मकान और फसलों को होने वाले नुकसान का तत्काल आकलन कर राहत उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पंचायती राज विभाग को ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने तथा पंचायत भवनों को आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी आश्रय स्थल के रूप में तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग को जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता चौबीसों घंटे सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं, विद्युत विभाग को टूटे तारों और क्षतिग्रस्त खंभों की मरम्मत के लिए टीमें तैयार रखने तथा लोगों को बिजली के टूटे तारों से दूर रहने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, नगर विकास और पुलिस की आपात सेवा-112 को भी आवश्यक संसाधन, उपकरण और जेसीबी मशीनें तैयार रखने को कहा गया है। किसानों को खराब मौसम के दौरान खेतों में जाने और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
अफवाहों से बचें, शाम चार बजे तक देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने सूचना विभाग को मौसम संबंधी सही और आधिकारिक सूचनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। सभी विभागों को प्रतिदिन शाम चार बजे तक अपनी तैयारियों और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जिला आपदा नियंत्रण केंद्र को उपलब्ध करानी होगी, ताकि स्थिति की लगातार निगरानी की जा सके।
डीएम इंद्रजीत सिंह ने स्पष्ट कहा कि आमजन की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी रखें। साथ ही, लोगों से अपील की गई कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन या आपदा नियंत्रण केंद्र को सूचना दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें




