हर शनिवार सरकारी विद्यालय पहुंचते हैं दीवान अभिषेक कुमार और कांस्टेबल अमित यादव
पुलिसकर्मियों की पहल से बच्चों में बढ़ रहा
आत्मविश्वास, क्षेत्र में हो रही सराहना
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
अखंड नगर क्षेत्र मे पुलिस की वर्दी का रिश्ता केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने में भी पुलिसकर्मी अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसकी मिसाल अखंडनगर थाने में तैनात दीवान अभिषेक कुमार और कांस्टेबल अमित यादव पेश कर रहे हैं। दोनों पुलिसकर्मी अपनी व्यस्त ड्यूटी के बाद समय निकालकर सरकारी विद्यालय के बच्चों को योग, पीटी और खेलकूद का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनकी इस पहल से बच्चों में अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और आत्मविश्वास बढ़ रहा है।

ड्यूटी के बाद बच्चों के भविष्य को संवारने की पहल
पुलिस की नौकरी में जिम्मेदारियों और व्यस्तता के बीच अपने लिए समय निकालना भी चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बावजूद अभिषेक कुमार और अमित यादव प्रत्येक शनिवार की सुबह क्षेत्र के सरकारी विद्यालय पहुंचते हैं। यहां वे बच्चों को शारीरिक प्रशिक्षण, योग और विभिन्न खेलों की बारीकियां सिखाते हैं। उनका उद्देश्य बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के साथ उनमें अनुशासन, नियमितता और सकारात्मक सोच विकसित करना है। दोनों पुलिसकर्मियों की इस पहल से विद्यालय के बच्चों को पढ़ाई के साथ शारीरिक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

बच्चों में बढ़ रहा आत्मविश्वास, ग्रामीणों ने की सराहना
पुलिसकर्मियों के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की पहल से बच्चों और पुलिस के बीच बेहतर संबंध स्थापित हो रहे हैं। बच्चों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ने के साथ उनमें सुरक्षा और अनुशासन की भावना भी मजबूत हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि अन्य पुलिसकर्मी भी अपने व्यस्त समय में से कुछ पल निकालकर बच्चों के मार्गदर्शन में योगदान दें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
बच्चों के चेहरों की मुस्कान ही सबसे बड़ा इनाम
दीवान अभिषेक कुमार और कांस्टेबल अमित यादव का कहना है कि नौकरी करना उनका कर्तव्य है, लेकिन बच्चों को सही दिशा देना सामाजिक जिम्मेदारी भी है। बच्चों को योग और खेलकूद में भाग लेते हुए देखना तथा उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह लाना उन्हें संतुष्टि देता है। उनके मुताबिक, जब बच्चे पूरे उत्साह के साथ गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं, तो दिनभर की थकान भी दूर हो जाती है।
अखंडनगर थाने के इन दोनों पुलिसकर्मियों की पहल यह संदेश दे रही है कि समाज में बदलाव लाने के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा जरूरी सेवा भाव और सकारात्मक सोच है। खाकी वर्दी में उनकी यह भूमिका पुलिस की संवेदनशील छवि को मजबूत करने के साथ बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में भी एक सराहनीय कदम है।




