सीएम योगी ने किया रोजगार मिशन का श्रीगणेशविभिन्न विभागों के 818 नवचयनित अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
बोले- गिनते जाइए, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे पुलिस-होमगार्ड में करीब 77 हजार भर्ती प्रक्रिया में
यूपीएसएसएससी और शिक्षा चयन आयोग से भी हजारों युवाओं को मिलेगा अवसर
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मिशन रोजगार के तहत प्रदेश में एक लाख नई नौकरियों के अभियान का श्रीगणेश किया। लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह माह में एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। यह रोजगार देने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि रविवार को भी करीब एक हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। पुलिस विभाग में करीब 36 हजार और होमगार्ड में 41-42 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। अभ्यर्थियों के मेडिकल और शारीरिक परीक्षण की प्रक्रिया जारी है। यूपीएसएसएससी के अगले छह माह में आने वाले परिणामों के माध्यम से 25 से 30 हजार युवाओं को नियुक्ति का अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से भी 20 से 25 हजार भर्तियां प्रस्तावित हैं, जिनके परिणाम तीन-चार माह में आने की संभावना है। यूपीपीएससी की परीक्षाओं के बाद भी 15-16 हजार युवाओं को विभिन्न विभागों में नियुक्ति मिलेगी।’गिनते जाइए, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे’मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार पर सवाल उठाने वाले लोग गिनती करते रहें, सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र देती जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अगले छह माह में एक लाख से अधिक युवाओं को और नियुक्ति देने का लक्ष्य है।सीएम ने कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते थे। आयोगों और बोर्डों में भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में युवाओं का भरोसा भर्ती व्यवस्था से उठ गया था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट को प्राथमिकता दी है। ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की भर्तियों में इंटरव्यू व्यवस्था समाप्त की गई है।’यूपी की युवा शक्ति को आर्थिक अवसर में बदला’मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की युवा शक्ति और प्रतिभा को आर्थिक अवसर में बदलने का प्रयास किया है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या बढ़ी है। उनके अनुसार 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब 24 हजार से अधिक स्टार्टअप संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनमें बड़ी संख्या में महिला उद्यमी भी शामिल हैं।उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से एमएसएमई क्षेत्र में तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। कारीगरों और हस्तशिल्पियों को बाजार, तकनीक और बेहतर मंच उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रदेश का कारीगर और हस्तशिल्पी आर्थिक रूप से मजबूत होता है तो उसका सीधा लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलता है।भर्ती प्रक्रिया में समयबद्धता पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती में विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र वितरण तक पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि आयोग और बोर्ड राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहकर शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षाएं कराते हैं तो उसके परिणाम भी बेहतर आते हैं।सीएम ने कहा कि सरकार ने कानून-व्यवस्था के साथ ही रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास पर भी ध्यान दिया है। प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ओडीओपी, एमएसएमई और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है।25 से 29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शोमुख्यमंत्री ने बताया कि 25 से 29 सितंबर तक गौतमबुद्ध नगर में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण आयोजित होगा। इसमें करीब 650 विदेशी खरीदार और 2500 से अधिक प्रदर्शक शामिल होंगे। प्रदेश के युवाओं, कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रदर्शित किया जाएगा।कार्यक्रम में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा समेत अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।




