वॉयस सैंपल की अर्जी खारिज होने के बाद बढ़ी कानूनी हलचल
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
जनपद सुल्तानपुर कांग्रेस नेता एवं रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहे मानहानि मामले में बुधवार को सुनवाई होगी। यह मामला वर्ष 2018 में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर राहुल गांधी की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। मामले में भाजपा नेता विजय मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को परिवाद दाखिल किया था।मामले में वादी पक्ष की ओर से राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का सीडी में मौजूद आवाज से विधि विज्ञान प्रयोगशाला के माध्यम से मिलान कराने की मांग की गई थी। एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो मई 2026 को वॉयस सैंपल से संबंधित अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद वादी पक्ष ने रिवीजन दाखिल किया, जिसे भी खारिज कर दिया गया।वॉयस सैंपल की मांग खारिज, अब मूल मानहानि मामले पर बहस की तैयारीवॉयस सैंपल से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला दोबारा मूल सुनवाई की ओर बढ़ रहा है। सितंबर में भी अदालत में बहस टल चुकी है और अब 16 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वादी पक्ष की ओर से वॉयस सैंपल संबंधी आदेशों को हाई कोर्ट में चुनौती दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क रखे जा चुके हैं। वादी पक्ष का कहना है कि अदालत में प्रस्तुत सीडी और राहुल गांधी की आवाज का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाना चाहिए, जबकि बचाव पक्ष ने इस मांग का विरोध किया है।2018 की टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद, 2023 में कोर्ट ने जारी किया था समनभाजपा नेता विजय मिश्रा की ओर से दाखिल परिवाद वर्ष 2018 की उस टिप्पणी से संबंधित है, जो राहुल गांधी ने कर्नाटक में चुनावी कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को लेकर की थी। मामले में सुल्तानपुर की अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और जमानत कराई।फरवरी 2026 में राहुल गांधी सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए और मामले में अपना बयान दर्ज कराया था। अब वॉयस सैंपल से जुड़ी अर्जी और उसके बाद की न्यायिक प्रक्रिया के बीच मूल मानहानि मामले की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। बुधवार की सुनवाई में अदालत की आगे की कार्यवाही पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।




