गोंडा जाने से रोके गए नगीना सांसद
बाराबंकी में पुलिस ने काफिला रोका
विनोद साहनी हत्याकांड पर गरमाई सियासत
चंद्रशेखर आजाद को गेस्ट हाउस में नजरबंद किया गया
बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर पुलिस की कार्रवाई, समर्थकों में नाराजगीपहले कांग्रेस और सपा नेताओं के काफिला भी रोके जा चुके हैं।
बाराबंकी/उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
गोंडा के व्यापारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमाती जा रही है। रविवार को पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में पुलिस ने रोक लिया। बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर पुलिस ने उनका काफिला रोका और उन्हें बुढ़वल गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी।सांसद को रोके जाने की सूचना मिलते ही उनके समर्थकों में नाराजगी दिखाई दी।
गेस्ट हाउस के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से उन्हें रोके जाने के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।पीड़ित परिवार से मिलने को लेकर बढ़ी सियासी हलचलविनोद साहनी हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे विपक्षी नेताओं के काफिले रोके जाने का सिलसिला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। इससे पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और सपा नेताओं के काफिले भी पुलिस कार्रवाई का सामना कर चुके हैं।
सांसद चंद्रशेखर आजाद का गोंडा जाना इसी घटनाक्रम की अगली कड़ी माना जा रहा है। उनके समर्थकों का कहना है कि वह मृतक परिवार से मिलकर दुख साझा करने और न्याय की मांग उठाने जा रहे थे। वहीं, पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे जनप्रतिनिधियों को रोकने की जरूरत क्यों पड़ रही है।हत्याकांड के बाद पहले से गरम है माहौलगोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र में व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या के बाद मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट के विवाद में उन पर हमला किया गया था। इस मामले में तीन नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई भी सामने आ चुकी है।
हत्याकांड को लेकर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी धरना देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। ऐसे में चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने की घटना ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।अब आगे की कार्रवाई पर नजरफिलहाल चंद्रशेखर आजाद को बुढ़वल गेस्ट हाउस में नजरबंद किए जाने के बाद उनके आगे के कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी आने के बाद ही यह साफ होगा कि उन्हें कितनी देर तक रोका गया और आगे जाने की अनुमति दी गई या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक सोशल मीडिया पोस्ट को हत्या का कारण बताए जाने की बात अभी जांच का विषय है। इसे अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं, बल्कि पुलिस की जांच के संदर्भ में ही प्रस्तुत किया गया है।




