मायावती का बड़ा फैसला!
भाई आनंद कुमार के बेटों को पार्टी में पद देने से दूरी
परिवार से अलग रखकर संगठन को आगे बढ़ाने की रणनीति, क्षमता के आधार पर ही मिलेगा मौका
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/ संवाददाता वागीश कुमार
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी में परिवार की भूमिका को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए संगठनात्मक जिम्मेदारियों में परिजनों को आगे बढ़ाने से दूरी बनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी के भीतर इसे मायावती की उस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें संगठन की कमान परिवार के बजाय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के माध्यम से मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।सूत्रों के हवाले से सामने आ रही चर्चाओं के मुताबिक, मायावती के भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद और ईशान आनंद को फिलहाल पार्टी में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना नहीं है। मायावती का रुख यह बताया जा रहा है कि केवल पारिवारिक संबंध किसी व्यक्ति को संगठन में पद या जिम्मेदारी देने का आधार नहीं होंगे।बसपा में आकाश आनंद की भूमिका को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में यदि पार्टी नेतृत्व परिवार के सदस्यों से दूरी बनाए रखने की नीति पर आगे बढ़ता है तो इसका असर संगठन की आगामी रणनीति पर भी दिखाई दे सकता है।वहीं, आनंद कुमार की बेटी दीपिका को लेकर भी पार्टी में किसी संभावित भूमिका की चर्चा है। हालांकि, उन्हें लेकर भी अंतिम फैसला पारिवारिक रिश्ते के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी ईमानदारी, क्षमता और संगठन के प्रति योगदान को देखते हुए किए जाने की बात कही जा रही है।मायावती के इस रुख को बसपा में नेतृत्व और संगठन के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का संदेश माना जा रहा है कि संगठन में किसी को भी जिम्मेदारी उसकी योग्यता और राजनीतिक उपयोगिता के आधार पर ही मिलेगी, न कि परिवार से जुड़े होने के कारण।




