सासाराम/Etv News 24/बिहार
जिले में जिलाधिकारी का जनता दरबार अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। हर सप्ताह सैकड़ों फरियादियों की सुनवाई होती है, लेकिन अधिकतर मामलों का समाधान कागजों तक ही सीमित रह जाता है। फरियादियों का आरोप है कि डीएम स्तर से निर्देश मिलने के बावजूद संबंधित अधिकारी लापरवाही बरतते हैं, जिससे फाइलें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक भटकती रहती हैं। कोआथ गांव के राजू कुमार ठाकुर आठ वर्षों से भूमि अतिक्रमण से परेशान हैं, जबकि नोखा की एक महिला आवास योजना की जमीन को लेकर न्याय की गुहार लगा रही है। शिवसागर, संझौली और करगहर के फरियादी भी कार्रवाई न होने से निराश हैं। जनता दरबार की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।



