करगहर रोहतास /Etv News 24
थाना क्षेत्र के भोखरी निवासी जविप्र डीलर रामेश्वर सिंह का 30 वर्षीय बब्लू कुमार सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत की खबर जैसे ही पहुंची गांव में कोहरा मच गया । ग्रामीण व परिजन विभिन्न वाहनों से घटनास्थल राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 319 में कैमूर जिला के दादर गांव के लिए रवाना हो गए । वहीं दूसरी ओर घटना की जानकारी लेने और दुखद परिस्थिति में परिवार के साथ खड़ा होने के लिए डीलर रामेश्वर सिंह के दरवाजे पर शुभचिंतकों और ग्रामीणों की भीड़ लग गई । वे विषम परिस्थिति में बुजुर्ग रामेश्वर सिंह के साथ होने का एहसास करा रहे थे ।वहीं दरवाजे पर लोगों की भीड़ देख बबलू कुमार सिंह की पत्नी डाॅली कुमारी को संदेह होने लगा । जब वह जानकारी लेने अपने ससुर जी के समीप पहुंची तो उनकी आंखों में छलकते आंसू देख अनहोनी घटना की आशंका से वह चित्कार करते हुए मुर्छित हो गई। ग्रामीण महिलाएं पानी छिड़क कर होश में लाने का प्रयास करते हुए उसे ढांढस बंधा रही थी। विधवा की चित्कार सुन ग्रामीणों की आंखें नम हो गई । जवान बेटा की मौत की खबर झेल नहीं पाने की स्थिति में कुछ ग्रामीण दूर खड़े थे ।ग्रामीणों ने बताया कि रामेश्वर सिंह के दो पुत्रों में बड़ा पुत्र दिल्ली के एक कंपनी में इंजीनियर है । जो परिवार के साथ वहां रहता है । दूसरा पुत्र बबलू की शादी के विगत दुसरे वर्ष ही उसकी मां का निधन हो गया । फल स्वरुप घर में आई नई नवेली बहू डाॅली कुमारी के सिर पर परिवार का बोझ आ गया । वृद्ध पिता की सेवा व दो बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेवारी संभाल रही थी । पति बबलू कुमार सिंह के कधों पर खेती और बाहर के कार्यों की जिम्मेवारी थी। वहीं दूसरी ओर धान की रोपनी की तैयारी चल रही थी । इस बीच पिता की दवाएं समाप्त हो गई थी । जिनका इलाज कैमूर जिला के मोहनियां में चल रहा था । कब तक सब कुछ सही चल रहा था लेकिन परिस्थितियों ने इस कदर करवट लिया कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा । रविवार को बबलू ने समय निकालकर मोहनियां जाने की तैयारी कर दी । इस पर उनके पिता व पत्नी ने उन्हें मना करते हुए कहा कि रोपनी के बाद दवा आएगी लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा और बाइक लेकर मोहनियां के लिए निकल गया । लेकिन किसी को क्या पता था कि बबलू हमेशा के लिए लौट कर यहां नहीं आएगा । उन्होंने बताया कि रविवार को दोपहर 2 बजे दिन में कैमूर जिला के दादर गांव के समीप एक अज्ञात पिकअप ने पीछे से टक्कर मार उसे रौंदते हुए निकल गया । फल स्वरुप घटनास्थल पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई । सोमवार की सुबह जैसे ही मोखरी में बबलू कुमार सिंह का शव पहुंचा गांव में कोहराम मच गया । ग्रामीण यह कहते सुने गए कि काश ! पिता और पत्नी की बातें मान लिया होता तो यह घटना नहीं घटती ।



