तिलौथू रोहतास/Etv News 24
स्थानीय राधा शांता महाविद्यालय में मंगलवार को एपीजे अब्दुल कलाम भवन में महाविद्यालय का 49वां स्थापना दिवस समारोह एवं संस्थापक बाबू राधा प्रसाद सिंह की 129वीं जन्म जयंती समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जीवन कुमार बिहार विधान परिषद सदस्य, एवं सासाराम विधायक स्नेहलता कुशवाहा, महाविद्यालय अध्यक्ष यशवीर सिन्हा, प्राचार्य डॉ अशोक कुमार ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। आज ही “नवसर्ग”वार्षिक शोध पत्रिका का अतिथियों का द्वारा विमोचन किया गया।जिसके मुख्य संपादक डॉ वीरेंद्र कुमार मिश्र राधा शांता महाविद्यालय के प्रोफेसर हैं।कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् से हुई। इसके बाद महाविद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य डॉ अशोक कुमार ने अंगवस्त्र एवं श्रीमद् भागवत गीता भेंट कर किया। महाविद्यालय के प्राचार्य श्री सिंह ने सर्वप्रथम अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का अभिनंदन करते हुए महाविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।अपने संबोधन में विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने वंदे मातरम् के 150 वर्षों के स्मरणोत्सव का उल्लेख करते हुए इसे हर भारतीय के दिल के करीब रहने वाला गीत बताया।उन्होंने कहा कि आज बेटियां पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके लिए उन्होंने छात्राओं को बधाई देते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।और मुख्य अतिथि बिहार विधान परिषद सदस्य जीवन कुमार ने वित्त रहित महाविद्यालयों को वित्त सहित यानी वेतनमान को करने में अपने परिश्रम को बताया।साथ ही शिक्षा देने वाले शिक्षकों जो महाविद्यालय या विद्यालय के हों उनकी आर्थिक स्थिति को दर्शाते हुए वित्त रहित महाविद्यालयों की दशा पर प्रकाश डाला।और खुद को किए गए कार्यों के कार्यान्वयन में लाने में मदद के लिए बिहार सरकार के मुख्य मंत्री सम्राट चौधरी और माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग के लिए उनको आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।और अपने तरफ से भी महाविद्यालय को कुछ फंड मुहैया करने,एक ईंट मुख्य अतिथि के तरफ से भी लगेगी,इसका आश्वासन दिया।साथ ही सचिव रंजीत सिन्हा ने वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर,वंदे मातरम् बंकिम चंद चटर्जी ने क्यों और किस परिस्थिति में लिखा श्री सिन्हा ने दर्शकों को समझाया। भू दाता मधुकर सिन्हा ने सभी आगंतुकों का स्वागत अभिनंदन के उपरांत अपने पुत्र अनुराग सिन्हा को अपने विचार रखने को कहा।अनुराग सिन्हा ने बाबू राधा प्रसाद सिंह और श्रीमती शांता सिंह के शिक्षा के क्षेत्र में बहुमूल्य उपलब्धियों का गुणगान किया।और उनके पौत्र होने के नाते खुद भी कुछ करने की इच्छा व्यक्त की।समारोह के दौरान गीत-संगीत की आकर्षक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिसने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. गुलाम हैदर ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके बाद प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार सिंह ने समारोह के समापन की घोषणा की।इस अवसर पर इलाके के सभी पार्टियों के प्रतिनिधि, आस पास के क्षेत्र के महा विद्यालयों के प्राचार्य, राधा शांता महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के साथ ही विद्यार्थियों से आयोजन हॉल खचाखच भरा हुआ था।




