तिलौथू रोहतास/Etv News 24
सोमवार शाम करीब छह बजे पहाड़ पर हुई मूसलाधार बारिश के बाद मां तुतला भवानी धाम में वाटर फॉल अचानक डरावना रूप में आ गया।पहले से थोड़ा थोड़ा झरना (वॉटरफॉल) थोड़ा थोड़ा गिर रहा था।जिससे श्रद्धालुओं का आना जाना शुरू था। विदित हो कि इस धाम पर बहुत दूर दूर दूसरे राज्यों से श्रद्धालु बस से आते हैं।कल भी पश्चिम बंगाल से श्रद्धालु आए थे।अचानक हुए तेज वॉटर फॉल के चलते पूरा क्षेत्र धुवां धुवां की तरह हो जाता है। 15 श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र में फंस गए। यह कोई पहली घटना नहीं है।पहाड़ पर जब भी मूसलाधार बारिश होती है तो झरना का पानी अचानक से डरावना रूप में गिरने लगता है।और कहीं कहीं लोग फंस ही जाते हैं। श्रद्धालुओं के फंसे होने की सूचना मिलते ही वन विभाग और मां तुतला भवानी धाम न्यास समिति की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। वनरक्षी सतानंद कुमार ने बताया कि देर शाम होने के कारण श्रद्धालुओं को पहाड़ी क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन वे दर्शन के लिए मंदिर चले गए थे। बारिश के बाद अचानक झरना तेज हो गया और बाढ़ की स्थिति बन गई।नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे उनका नीचे उतरना मुश्किल हो गया।
रेस्क्यू अभियान में वनरक्षी आशीष कुमार, न्यास समिति के अध्यक्ष गुरूचरण यादव, भरत यादव सहित वन विभाग की टीम शामिल रही। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
पिछले वर्ष भी झरना में उफान के दौरान 10 श्रद्धालु फँस गए थे जिनका सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया था।वन विभाग और न्यास समिति ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी को बचाया। सभी श्रद्धालु पश्चिम बंगाल के थे। शाम ढलने पर मंदिर गए थे। तुतला भवानी धाम पर (झरना)वॉटरफॉल बरसात के मौसम में लोगों को आनंदित भी करता है।और जब की फंस जाता है तब दुःख भी होता है। सभी श्रद्धालुओं को वन विभाग और तुतला भवानी न्यास समिति की चेतावनी को बहुत ही अत्यावश्यक रूप में मानना चाहिए नहीं तो कोई अप्रिय घटना होने की संभावना बन जाती है।




