राजद के अरविंद कुमार सहनी को 20798 मतों के अंतर से किया पराजित!
प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
बिहार की राजनीति में जदयू के कद्दावर नेता व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद सहयोगी मंत्री विजय कुमार चौधरी अपने सधे राजनीतिक अनुभव और शांत स्वभाव के लिए जाने जाने वाले विजय कुमार चौधरी ने सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र से लगातार जीत का चौका लगाया है। मतगणना परिणाम में उन्होंने अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी राजद के अरविंद कुमार सिंह को 20798मतों के अंतर से पराजित किया। श्री चौधरी की ये 7 वीं जीत है। श्री चौधरी को 102792 मत प्राप्त हुए। वहीं राजद के अरविंद कुमार सहनी को 81994 मत प्राप्त हुए। विधानसभा अध्यक्ष से लेकर कई अहम विभागों जैसे जल संसाधन, संसदीय कार्य,वित्त,शिक्षा,कृषि,परिवहन,सूचना एवं जनसंपर्क और ग्रामीण विकास के मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वे राज्य के जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री हैं। दलसिंहसराय से विधायक रहे जगदीश प्रसाद चौधरी के के आकस्मिक निधन के बाद उनके पुत्र विजय कुमार चौधरी ने 1982 के उपचुनाव में दलसिंहसराय से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। 1985 और 1990 में वे कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। 1990 में जीत के बाद वे विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के उपसचेतक नियुक्त हुए और तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र के करीबी माने गए।*राजनीतिक सफर : 43 वर्षों की सक्रियता!*विजय चौधरी ने 1982 के उपचुनाव में दलसिंहसराय से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। 1985 और 1990 में वे कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। 1990 में जीत के बाद वे विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के उपसचेतक नियुक्त हुए और तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र के करीबी माने गए। 1995 और 2000 में जनता दल से चुनाव हारने के बाद उन्होंने 2005 में जदयू का दामन थामा। पहले पार्टी के महासचिव बने और फिर प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला। इसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया। 2010 में सरायरंजन विधानसभा सीट से उन्होंने राजद प्रत्याशी रामाश्रय सहनी को 17,754 मतों से हराकर जोरदार वापसी की। उनके नेतृत्व में हुए चुनावों में राजग को उल्लेखनीय सफलता मिली। तब से वे लगातार चौथी बार इस सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं। *पिता की विरासत से राजनीति में कदम।*विजय चौधरी के पिता जगदीश प्रसाद चौधरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक रहे। 1982 में उनके निधन के बाद विजय चौधरी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में पीओ की नौकरी छोड़ राजनीति में प्रवेश किया। एसबीआई में बतौर पीओ उन्होंने दो साल नौकरी भी की। विजय चौधरी राजनीतिक घराने से ही आते हैं और यही एक बड़ी वजह है जो उन्होंने कभी सियासी गलियारे में अपना कदम रखा। विजय चौधरी के पिता जगदीश प्रसाद चौधरी दलसिंहसराय से विधायक थे। 1982 में उनका निधन हो गया और ये सीट खाली हो गयी। परिसीमन के बाद दलसिंहसराय विधानसभा क्षेत्र अब उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के अधीन आ गया है। क्षेत्र में उनकी पहचान विकास कार्यों और सौम्य व्यवहार के लिए है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी हैं।



