सासाराम रोहतास/Etv News 24
सासाराम में 21 एवं 22 मई को शेरशाह सूरी महोत्सव का आयोजन होगा। महोत्सव के अंतर्गत भव्य मुशायरा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। जिला पदाधिकारी, रोहतास के निर्देश पर जिला भू अर्जन पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा सर्वसम्मति से ख्यातिप्राप्त शायरों, कवियों एवं वक्ताओं का चयन किया गया है, जो महोत्सव में अपनी प्रस्तुति देंगे।
मुशायरा में शायर जलील खैराबादी (कानपुर), अहमद आज़मी (आजमगढ़), तनुज नाज़ (फतेहपुर), चकाचौंध ज्ञानपुरी (ज्ञानपुर), पूनम श्रीवास्तव (मिर्जापुर), निजाम बनारसी (वाराणसी) सहित स्थानीय साहित्यकार डॉ. गुरु चरण सिंह, शायर मतीन सासारामी, कवि सरोज कुमार पंकज एवं आलम परवेज शामिल हैं। इनकी प्रस्तुतियां कार्यक्रम को साहित्यिक ऊंचाई प्रदान करेंगी तथा श्रोताओं को गंगा-जमुनी तहज़ीब की झलक देखने को मिलेगी।
वहीं, विचार गोष्ठी में इतिहासकार, शिक्षाविद एवं शोधकर्ता शेरशाह सूरी के जीवन, प्रशासन, न्याय व्यवस्था, पुरातात्विक महत्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर अपने विचार रखेंगे।
गोष्ठी में अली हुसैन इद्रीसी “शेरशाह सूरी की न्याय व्यवस्था”, जी०एम० अंसारी “शेरशाह सूरी की पुरातात्विक दृष्टि”, डॉ. जावेद अख्तर “शेरशाह सूरी की भू-राजस्व प्रणाली”, डॉ. अरुण कुमार “राष्ट्र निर्माता के रूप में शेरशाह सूरी”, डॉ. जंगबहादुर पाण्डेय (पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, रांची विश्वविद्यालय) “विकास का पथिक—शेरशाह सूरी”, डॉ. ए.के. आलमी “प्रशासनिक व्यवस्था” तथा डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद सिंह (पूर्व विभागाध्यक्ष इतिहास श्रीशंकर कॉलेज सासाराम) “साधारण जागीरदार से दिल्ली के सुल्तान तक का सफर” विषय पर व्याख्यान देंगे।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य शेरशाह सूरी की ऐतिहासिक विरासत, प्रशासनिक कुशलता, सांस्कृतिक योगदान एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। महोत्सव के माध्यम से स्थानीय कला, संस्कृति, साहित्य और इतिहास को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं को अपनी विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।



