बिहार की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ही हो कोई संधि : संजय कुमार झा
डेहरी ऑन सोन, रोहतास/Etv News 24
फरक्का जल संधि से बिहार को हो रहे नुकसान के मुद्दे को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की ओर से ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम के शुभारंभ पर जदयू के वरिष्ठ नेता एवं शाहाबाद क्षेत्र के चर्चित चिकित्सक डॉ. निर्मल कुशवाहा ने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा से उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें बुके देकर सम्मानित किया और कार्यक्रम की शुरुआत पर बधाई दी।इस दौरान बिहार के जल हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मौके पर जदयू नेता दीपक निषाद, गुड्डू पटेल, मुन्ना कुशवाहा, अनिल कुमार सहित कई कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।‘नव बिहार टाइम्स’ से बातचीत में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि वर्ष 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि भारत, विशेषकर बिहार के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। यदि भविष्य में कोई नई संधि होती है, तो उसमें बिहार की दीर्घकालिक जल आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि बिहार की वर्ष 2050 तक की जल जरूरतों को ध्यान में रखकर ही जल बंटवारे से संबंधित कोई समझौता किया जाना चाहिए। बिहार के हितों की अनदेखी कर कोई भी जल संधि स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।जदयू नेताओं ने कहा कि ‘नीतीश संवाद’ के माध्यम से फरक्का जल संधि से बिहार को होने वाले प्रभाव और राज्य के जल अधिकारों से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर जनता के बीच रखने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बिहार के जल हितों की रक्षा को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।




