सासाराम रोहतास/ Etv News 24
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के नियमों के आलोक में संरक्षित स्मारकों के 100 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र तथा 300 मीटर विनियमित क्षेत्र में हो रहे अवैध एवं अनधिकृत निर्माण को लेकर गुरुवार को समाहरणालय में जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में एएसआई, सासाराम उप-मंडल के प्रभारी ने शेरशाह सूरी मकबरा के 100 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र में किए जा रहे निर्माण कार्यों तथा 300 मीटर विनियमित क्षेत्र में बिना पूर्व अनुमति संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान पुरातत्व विभाग के प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई। समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि एएसआई के साथ समन्वय स्थापित कर संरक्षित क्षेत्र में चल रहे सभी अवैध एवं अनधिकृत निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग के नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा क्षेत्र की नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय धरोहरों और संरक्षित स्मारकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शेरशाह सूरी मकबरा सहित किसी भी संरक्षित स्मारक के आसपास नियमों के विरुद्ध किसी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।रोहतास में पदस्थापन के बाद से ही जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा जिले के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इस दिशा में करमचट डैम, गुप्ताधाम जैसे स्थलों का निरीक्षण भी जिलाधिकारी द्वारा किया जा चुका है। सड़कों की कनेक्टिविटी की समीक्षा भी उन्होंने की है।पर्यटन विकास को लेकर जिलाधिकारी की निरंतर सक्रियता से जिलावासियों में व्यापक परिवर्तन की उम्मीद जगी है। इन उम्मीदों पर खरा उतरने की दिशा में जिलाधिकारी विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पर्यटन स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं तथा दीर्घकालिक निर्देश भी जारी कर रहे हैं।सर्वविदित है कि रोहतास जिला प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध है तथा यहां पर्यटन उद्योग के विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।




