भू-माफियाओं से मोटी रकम लेकर नियम ताक पर, शेखपुरा सीओ की बर्खास्तगी की मांग,सड़कों पर उतरे सामाजिक कार्यकर्ता
शेखपुरा में भू-माफिया और सीओ की साठगांठ बेनकाब आरटीआई एक्टिविस्ट बोले – जब तक कार्रवाई नहीं, आंदोलन जारी
शेखपुरा/बिहार/ Etv News 24
भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर शेखपुरा में बिगुल बज गया है।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह आरटीआई एक्टिविस्ट सैयद अरशद नसर ने शेखपुरा अंचल अधिकारी शंभू कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।आरोप है कि सीओ ने भू-माफियाओं से “मोटी रकम” लेकर एक खारिज होने वाले म्यूटेशन केस को असंवैधानिक तरीके से पास कर दिया।रविवार को बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश और जमुई सांसद अरुण भारती के शेखपुरा आगमन पर अरशद नसर ने उन्हें लिखित ज्ञापन सौंप कर सीओ शंभू कुमार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की साथ ही अरशद ने स्थानीय जद यू विधायक रणधीर कुमार सोनी को भी आवेदन दिया.इससे पहले शनिवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और सिविल एसडीओ प्रियंका कुमारी को भी ज्ञापन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की जा चुकी है।ज्ञापन में अरशद ने सीधे आरोप लगाया कि सीओ शंभू कुमार ने भू-माफिया मुकुल महतो और सुबोध महतो से मोटी रकम लेकर म्यूटेशन वाद संख्या-926/2026-2027 को खारिज करने के बजाय नियम-कानून को ताक पर रखकर अवैध स्वीकृति दे दी।अरशद ने कहा यह सिर्फ एक फाइल का मामला नहीं है.यह आम जनता की जमीन, कानून का मजाक और प्रशासनिक तंत्र में बैठे भ्रष्टाचारियों की नग्न तस्वीर है।अरशद ने ऐलान किया कि जब तक सीओ शंभू कुमार के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती,उनका अभियान रुकेगा नहीं।उन्होंने कहा कि अब वो पटना जाकर मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री,विभागीय सचिव सहित सभी बड़े अधिकारियों को आवेदन देकर शंभू कुमार को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने की मांग करेंगे.अरशद की इस बेबाक पहल के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।एक तरफ भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों और भू-माफियाओं में खलबली है, तो दूसरी तरफ आम जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है.लोगों का कहना है कि आखिर किसी ने तो भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आवाज उठाई.फिलहाल जिला प्रशासन की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।




