मांझर कुंड एक सप्ताह तक पर्यटकों के लिए अस्थाई तौर पर रहेगा बंद, जिला प्रशासन का फैसला
सासाराम/ रोहतास/ Etv News 24
रोहतास के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल एवं प्राकृतिक धरोहर मांझर कुंड झरना क्षेत्र का रविवार को जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार तथा वन प्रमंडल पदाधिकारी स्टालिन फिडल कुमार के ने निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने झरना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था तथा साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि कुछ लोगों द्वारा मांझर कुंड परिसर में कूड़ा-कचरा फैलाकर प्राकृतिक वातावरण को प्रदूषित किया जा रहा है। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मांझर कुंड रोहतास की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है, जिसकी स्वच्छता एवं सौंदर्य बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों से अपील किया है कि वे परिसर में किसी भी प्रकार का कूड़ा-कचरा न फैलाएं।निरीक्षण के दौरान वन क्षेत्र से गैस सिलेंडर भी बरामद किया गया। इस पर अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए वन विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि वन क्षेत्र एवं झरना परिसर में गैस चूल्हा जलाना अथवा किसी प्रकार की खाना बनाने की गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।जिला पदाधिकारी ने बताया कि मांझर कुंड प्रवेश चेक नाका पर आने-जाने वाले सभी लोगों की नियमित जांच की जाएगी, ताकि प्रतिबंधित सामग्री को वन क्षेत्र में ले जाने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मांझर कुंड परिसर में व्यापक स्तर पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र से कचरे का निष्पादन तथा पर्यटक स्थल को व्यवस्थित करने का कार्य किया जाएगा। साफ-सफाई अभियान को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अभियान अवधि के दौरान पर्यटकों एवं आम लोगों के प्रवेश पर अस्थायी रूप से रोक रहेगी। अभियान पूर्ण होने और परिसर को पूरी तरह स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए जाने के बाद ही आम लोगों के लिए पुनः प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।जिला पदाधिकारी ने कहा कि मांझर कुंड का इलाका वन सेंचुरी का क्षेत्र है। यहां की प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण प्रशासन और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है तथा इसमें सभी नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।




