तिलौथू रोहतास/ Etv News 24
तिलौथू प्रखंड के ग्राम पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों के लिए लागू चक्रीय आरक्षण (रोटेशन) व्यवस्था की समीक्षा एवं आगामी पंचायत चुनाव में न्यायसंगत आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. शशि रंजन कुमार ने बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को सौंपा ज्ञापन।ज्ञापन में कहा गया है कि तिलौथू प्रखंड की कुल 11 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2006, 2011, 2016 और 2021 के पंचायत चुनावों के आरक्षण रोस्टर का अध्ययन करने पर पाया गया कि केवल 4 पंचायतों हुरका चंदनपुरा चितौली और रामडीहरा में ही अनुसूचित जाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए लगातार आरक्षण लागू किया गया, जबकि शेष 7 पंचायतों में पिछले चार चुनावों के दौरान इस प्रकार का आरक्षण लागू नहीं हुआ। ज्ञापन में हुरका ग्राम पंचायत का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि वर्ष 2006 एवं 2011 में मुखिया पद अनुसूचित जाति के लिए तथा वर्ष 2016 एवं 2021 में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहा। इस प्रकार यह पंचायत लगभग 20 वर्षों से लगातार आरक्षण के दायरे में बनी हुई है। डॉ. शशि रंजन कुमार ने अपने आवेदन में कहा है कि चक्रीय आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य सभी पंचायतों के बीच समान एवं न्यायसंगत तरीके से आरक्षण का वितरण करना है। यदि कुछ पंचायतों में लगातार आरक्षण लागू होता रहे और अन्य पंचायतें इससे वंचित रहें, तो यह व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने मंत्री से मांग की है कि वर्ष 2006 से अब तक के आरक्षण रोस्टर की व्यापक समीक्षा कराई जाए तथा जिन 4 पंचायतों में लगातार आरक्षण लागू रहा है, उन्हें आगामी पंचायत चुनाव में सामान्य श्रेणी में लाया जाए। साथ ही जिन 7 पंचायतों में पिछले चार चुनावों के दौरान आरक्षण लागू नहीं हुआ है, वहां नियमानुसार आरक्षण लागू कर संविधान की समानता की भावना एवं बिहार पंचायत राज अधिनियम के अनुरूप पारदर्शी और न्यायसंगत आरक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन में जनहित एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया गया है।




