तिलौथू /रोहतास/ Etv News 24
बड़े ही हर्षोल्लास एवं शांति पूर्वक ईद- अल-अदहा की नमाज़ तिलौथू ईदगाह मस्जिद में सुबह 6.15 में अदा की गई। नमाज़ से पहले इमाम कारी अनवर उल हक साहब ने अपने तकरीर में बताया कि अल्लाह की रजा के लिए नबी इब्राहिम खलीलुल्लाह ने अपने बेटे की कुर्बानी पेश की थी।और अल्लाह पाक ने इस कुर्बानी को कुबूल फरमाया और इस्माईल अलैहिस्सलाम की जगह एक जन्नत से लाया गया मेंढ़ा, दुम्बा की कुर्बानी हो गई।तब से लेकर आज तक पूरी दुनिया में इस्लाम मजहब के मानने वाले एक जानवर जो सेहत मंद हो उसकी कुर्बानी पेश करते हैं।लेकिन पहले से भी ये बात आम तौर पे बताया गया है और आज इमाम क़ारी अनवारूल हक़ साहब ने अपनी तकरीर में बताया कि दर- अस्ल जानवर को ज़बह करने का नाम ही कुर्बानी नहीं बल्कि अल्लाह की रज़ा के लिए बुराई से तौबा करना,अपने घमंड,तकब्बुर,को खत्म करना, ग़रीबों से मुहब्बत करना पड़ोसी का ध्यान रखना ये सब भी अपने अपने तरह की कुर्बानी है।जिसको हर एक साहेबे ईमान को करना होगा।तब जाकर आपकी कुर्बानी भी कबीले क़ुबूल है।पूरे प्रखंड में आज ईद-अल-अदहा की नमाज़ सुबह सुबह सभी जगहों पर शांति पूर्वक संपन्न हुईं।सभी ईदगाह मस्जिदों के सामने पुलिस प्रशासन की तैनाती की गई थी।एक ऑफिसर के साथ कई महिला एवं पुरुष सिपाही एवं सैफ़वक जवान तैनात किये गये थे।पुलिस प्रशासन की भी यह भूमिका सराहनीय है।प्रशासन के लोग बहुत तत्पर और पैनी निगाह रखते हैं किसी समुदाय के पर्व त्योहारों पर।और उनकी अहम भूमिका होती है किसी पर्व त्यौहार को शांति पूर्वक ढंग से संपन्न कराने में।आज तिलौथू प्रखंड के चुरेसर , केरपा, कोड़र, सरैया,तिलौथू, बाराडी, दूधमी डेहरी,में आज शांति पूर्वक नमाज़ संपन्न हुई।पुलिस प्रशासन द्वारा यह बताया गया था कि आप सोशल मीडिया पर किसी तरह का अफवाह फैलायें नहीं और न उसपर ध्यान दें।और किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस पदाधिकारी,बीडीओ या सीओ को दें।जैसा कि पूर्व विदित है नमाज़ के बाद सभी लोग आपस में गले से गले मिलकर एक दूसरे को ईद की मुबारक बाद पेश करते हैं। ईदगाह मस्जिद के पास तैनात पुलिस प्रशासन और मीडिया के लोगों को भी लोगों ने फूल देकर स्वागत किया और उनसे गले मिल कर ईद की मुबारकबाद दी।



