ईद-उल-अजहा त्याग, बलिदान और भाईचारे का पर्व
बिक्रमगंज/रोहतास/Etv News 24
नगर क्षेत्र में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। पर्व को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों एवं ईदगाहों में निर्धारित समय पर अकीदतमंदों ने नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन, तरक्की एवं भाईचारे की दुआ मांगी।बिक्रमगंज निवासी मो. आदिल खान ने जानकारी देते हुए बताया कि वारसी मदरसा में सुबह 6:30 बजे, आमना मस्जिद में 6:45 बजे, मुख्य ईदगाह में 7:00 बजे, स्टेशन मस्जिद में पहली नमाज 7:15 बजे तथा दूसरी नमाज 8:00 बजे, जामा मस्जिद में 7:00 बजे, धनगाई मस्जिद में 7:00 बजे, कश्मीरी मस्जिद में 6:45 बजे तथा रिजवानुल कुरैश मस्जिद में 6:30 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई।ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे त्याग, बलिदान और अल्लाह की राह में समर्पण के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी देने की तैयारी की थी। उनकी इस अटूट आस्था और समर्पण से प्रसन्न होकर अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक दुम्बे की कुर्बानी कबूल की। इसी याद में मुस्लिम समुदाय द्वारा बकरीद का पर्व मनाया जाता है और कुर्बानी दी जाती है।पर्व को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह एवं उल्लास का माहौल देखा गया। सुबह से ही मस्जिदों एवं ईदगाहों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।ईद-उल-अजहा आपसी प्रेम, भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द का संदेश देता है। प्रशासन द्वारा सभी नागरिकों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखते हुए पर्व मनाने की अपील की गई थी।



