शिवसागर के सिलारी विधुत तार से निकली चिंगारी से 150 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख
कोचस थाना क्षेत्र के बलथरी महादलित टोले में विधुत शाॅट सर्किट से घर खाक, 20 बत्तख व बकरीयों के बच्चे जले
कोचस प्रखंड क्षेत्र के ऊबधी और अकोढ़ी में असामाजिक तत्वों के आग लगाने से तीन सौ बीघे फसल जलकर राख
चेनारी में एक सप्ताह पहले बिजली विभाग की लापरवाही से करंट की चपेट में आने से वार्ड सदस्य के पति सदानंद तिवारी की मौत
सासाराम/रोहतास/Etv News 24/ब्यूरो रिपोर्ट
रोहतास जिला में बिजली विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते आए दिन जर्जर विद्युत तारे चिंगारी फेंक रही है जो किसानों को खेतों में गिर रही है जिससे किसानों की फसले जलकर राख हो रही हैं फसल जल जाने से किसानों के सामने दो जून रोटी की समस्या उत्पन्न हो रही है। रविवार को शिवसागर प्रखंड के सिलारी गांव में बिजली तार की चिंगारी के कारण आग लगने से 150 सौ बीघा गेहूं की फसल जल कर राख हो गया वहीं कोचस प्रखंड क्षेत्र के ऊबधी और अकोढ़ी के सीवान में असामाजिक तत्वों ने गेहूं की खड़ी फसल में आग लगा दी जिससे तीन सौ बीघे में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। पीड़ित किसान सम्बंधित अधिकारीयों से मुआवाजे की मांग कर रहे है। वहीं कोचस थाना क्षेत्र के बलथरी महादलित टोले में रविवार की सुबह विद्युत शॉट सर्किट से लगी आग ने एक परिवार का आशियाना उजाड़ दिया। इस अगलगी में ललन मुसहर, वकील मुसहर तथा छोटी मुसहर का घर जलकर पूरी तरह खाक हो गया है एवं 20 बत्तख व बकरियों के बच्चे जल गये। आपको बताते चले की चेनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत डिहरिया पंचायत के खैरा गांव के वार्ड सदस्य की पति सदानंद तिवारी की डूमरी गांव में ट्रांसफार्मर के फ्यूज बनाते समय करंट के चपेट में आने से झुलस कर दम तोड दिया। मृतक का शव कई घंटे तक ट्रांसफार्मर पर लटका रहा। सवाल यह है कि बिजली विभाग द्वारा जब शटडाउन दे दिया गया है तो फिर विधुत प्रवाह कैसे हुआ। आखिर ये किसकी लापरवाही है जिसके कारण एक गरीब ब्राह्मण परिवार का कर्ता धर्ता की जान चली गई। ये लापरवाही है या जान लेने की साजिश या भ्रष्टाचार ये तो उच्चस्तरीय जांच होने के बाद ही पता चल पायेगा। लेकिन आम लोगों को नहीं लगता है कि इसमें निष्पक्ष जांच होगी। इतना जरूर होगा की कागजी कार्रवाई में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। चूंकि मामला बिजली विभाग की है तो स्थानीय थाना की भी निष्पक्ष कारवाई अब संदेह के घेरे में है। लेकिन इतना होने के बाद भी बिजली विभाग के भ्रष्टाचार के चलते जर्जर तारों को अभिलेखों में बदलकर करोड़ का घोटाला करने वाले बिजली विभाग के अफसर पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है जिससे इलाके के तमाम किसान मजबूर और परेशान हो गए हैं बिजली के जर्जर तार की शॉट सर्किट से आए दिन किसानों की खड़ी फसल जलकर राख हो जाती है पीड़ित किसानों की मांग है की इसकी जांच करा के जली हुई फसल का क्षतिपूरति दिलाई जाए ।इसके साथ ही इस जर्जर तार को हटाकर दूसरी नई तार लगाई जाए।



