डेहरी ऑन सोन, रोहतास /Etv News 24
अंचल अकोढ़ीगोला में भू-मापी और सीमांकन में बरती जा रही लापरवाही से परेशान भूमि स्वामी ने मुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। मकराईन निवासी संतोष कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि निर्धारित शुल्क जमा करने के 6 महीने बाद भी उनकी जमीन की मापी नहीं कराई गई, जिससे निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
क्या है पूरा मामला
संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने 2019 में ग्राम बराढ़ी स्थित खाता संख्या-340, प्लॉट संख्या-1223 की व्यवसायिक भूमि खरीदी थी। 2023 में इसी भूमि का एक हिस्सा उनके पुत्र आशीष आनंद के नाम से भी खरीदा गया। दोनों जमीन की जमाबंदी और लगान रसीद उनके नाम से निर्गत है और करीब 25 वर्षों से उक्त भूमि पर उनका दखल-कब्जा है, जहां उनकी दुकान संचालित है।
निर्माण में बाधा, मापी भी नहीं होने दी जा रही
पीड़ित का आरोप है कि भूमि विक्रेता के रिश्तेदार अजीत कुमार सिंह एवं अमित कुमार सिंह निर्माण कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं और भू-मापी भी नहीं होने दे रहे। इसे लेकर अंचलाधिकारी अकोढ़ीगोला कार्यालय में कई बार आवेदन दिया गया।
कब-कब जमा किया शुल्क
– 27-28 फरवरी 2025 को भू-मापी के लिए आवेदन देकर 9 मार्च 2025 को 1000-1000 रुपये शुल्क जमा किया। – 18 अप्रैल 2025 को पुनः आवेदन देकर 17 मई 2025 को 500-500 रुपये शुल्क जमा किया। बावजूद इसके अंचल कार्यालय ने भू-मापी नहीं कराई।
अमीन पर गलत प्रतिवेदन का आरोप
संतोष कुमार सिंह ने बताया कि एक बार अंचल अमीन स्थल पर पहुंचा, लेकिन बिना मापी किए ही लौट गया। बाद में उसने गलत प्रतिवेदन समर्पित कर दखल-कब्जे से इनकार कर दिया। अमीन ने सिविल कोर्ट में वाद लंबित होने का हवाला दिया, जबकि पीड़ित के अनुसार न्यायालय से भू-मापी रोकने का कोई आदेश नहीं है।
कई अधिकारियों से लगाई गुहार
पीड़ित ने बताया कि वे जिला पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी के जनता दरबार में जा चुके हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को भी आवेदन दिया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
मुख्यमंत्री से ये मांग
संतोष कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अविलंब भू-मापी एवं सीमांकन कराने की मांग की है। साथ ही गलत प्रतिवेदन देने वाले अमीन के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की है।



