तिलौथू /रोहतास/Etv News 24
प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, गुदड़ी का लाल कहावत को साकार करती नेहा कुमारीतिलौथू (रोहतास): गरीब परिवार में जन्मी दूसरी कक्षा की नेहा कुमारी उर्फ सलोनी ने अपनी विलक्षण प्रतिभा और शिक्षा के प्रति अटूट लगन से पूरे क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। छोटी उम्र में बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का जुनून रखने वाली नेहा न केवल पढ़ाई में तेज है, बल्कि आठवीं तक के बच्चों को ऐसे इंग्लिश पढ़ाती है कि लोग दंग रह जाते हैं।नेहा, सामाजिक कार्यकर्ता सत्यानंद कुमार द्वारा संचालित निःशुल्क पाठशाला की होनहार छात्रा है। हालांकि वह खुद दूसरी कक्षा में पढ़ती है, लेकिन उसकी समझ और ज्ञान का स्तर ऐसा है कि सरकारी स्कूलों के आठवीं तक के बच्चे भी उससे सीखने में संकोच नहीं करते।
उसकी शिक्षा और सिखाने की शैली ऐसी है, मानो कोई अनुभवी शिक्षक बच्चों को मार्गदर्शन दे रहा हो।नेहा की प्रतिभा का सम्माननेहा की प्रतिभा को पहचानते हुए अमलतास निकेतन स्कूल की डायरेक्टर लायन रंजना सिन्हा ने उसे गोद लिया और उसकी दसवीं तक की शिक्षा निशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह कदम न केवल नेहा के भविष्य को सुनहरा बनाएगा, बल्कि अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।नेहा का परिवार और संघर्षनेहा के माता-पिता मेहनत-मजदूरी और दूसरों के घरों में काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। लेकिन उनकी बेटी ने अपने जुनून और मेहनत से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।

नेहा की छोटी बहन, परी कुमारी, भी पढ़ाई में काफी तेज है और उसी राह पर चल रही है।तिलौथू में चर्चा का केंद्रतिलौथू बाजार में नेहा की चर्चा हर जुबान पर है। जिसने भी उसे पढ़ाते हुए देखा, वह उसकी प्रतिभा का कायल हो गया। उसकी लगन और निष्ठा बच्चों और अभिभावकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।नेहा के प्रति लोगों का विश्वास यह संदेश देता है कि यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले, तो वे अपनी परिस्थितियों को बदलकर इतिहास रच सकते हैं। उम्मीद है कि नेहा न केवल अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रौशन करेगी।



