372 मतदाताओं ने किया मताधिकार का प्रयोग
कलान शिक्षण संस्थान के 266 शिक्षकों ने डाले वोट
सपा-भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के शिविरों में रही गहमागहमी
दोपहर में लगी लंबी कतारें
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
अखण्डनगर गोरखपुर-अयोध्या मंडल स्नातक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव में शुक्रवार को अखण्डनगर स्थित मतदान केंद्र संख्या 126 पर मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। यहां कुल 424 पंजीकृत मतदाताओं में से 372 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह केंद्र पर 87.74 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के दौरान सपा और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के शिविरों में राजनीतिक सरगर्मी बनी रही।

सेक्टर मजिस्ट्रेट रविन्द्र सिंह आर्य के अनुसार, मतदान केंद्र पर 363 पुरुष और 61 महिला मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 319 पुरुषों और 53 महिलाओं समेत कुल 372 मतदाताओं ने वोट डाले। चुनाव में कुल 16 प्रत्याशी मैदान में थे।
कलान शिक्षण संस्थान के शिक्षकों ने भी किया मतदान
मतदान के दौरान कलान शिक्षण संस्थान के शिक्षकों की भागीदारी भी चर्चा में रही। संस्थान के निदेशक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि संस्थान के 278 शिक्षक इस मतदान केंद्र पर मतदाता थे, जिनमें से 266 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दोपहर करीब 12 बजे संस्थान के कुलानुशासक अतुल कुमार सिंह के नेतृत्व में शिक्षक मतदान केंद्र पहुंचे। इसके बाद केंद्र के बाहर मतदाताओं की लंबी कतार लग गई। करीब दो घंटे बाद भीड़ कम होने लगी और दोपहर दो बजे के बाद मतदान की रफ्तार धीमी पड़ गई।
सपा-भाजपा के शिविरों में जुटे रहे समर्थक
मतदान केंद्र के बाहर सपा समर्थित प्रत्याशी संजय त्रिपाठी के शिविर में कादीपुर के पूर्व विधायक भगेलूराम, रामसूरत प्रजापति, राधेकान्त यादव, बंशबहादुर यादव और गुल्लू निषाद समेत पार्टी के पदाधिकारी व समर्थक मौजूद रहे। वहीं, भाजपा समर्थित प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के शिविर में विधायक राजेश गौतम, घनश्याम चौहान, डॉ. हवलदार सिंह, संजय सिंह और श्री विश्वनाथ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, कलान के निदेशक डॉ. वेदप्रकाश सिंह समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता दिखाई दिए।
दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों की मौजूदगी से मतदान केंद्र के बाहर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। हालांकि, प्रत्याशियों को मिले मतों का आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी के पक्ष में अधिक समर्थन होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।




