प्रत्यक्षदर्शियों के दावे से बढ़ा मामला
दो घायल सिपाहियों के हादसे में वाहन की भूमिका पर सवाल
चालक की उम्र लाइसेंस और वाहन के दस्तावेजों की जांच जरूरी
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
इसौली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष मनीषा पांडेय से जुड़ी बताई जा रही स्कॉर्पियो से दो पुलिसकर्मियों के घायल होने का मामला चर्चा में है। हलियापुर-कुड़वार मार्ग पर भदहरा गांव के पास हुए हादसे में सिपाही सचिन धाका और अजय सुमन घायल हो गए थे। इस घटना के बाद वाहन की भूमिका और चालक की पहचान को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि हादसे के समय स्कॉर्पियो एक नाबालिग चला रहा था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस जांच के जरिए चालक की उम्र, लाइसेंस और दुर्घटना में वाहन की भूमिका स्पष्ट होना जरूरी है।
नाबालिग के वाहन चलाने का दावा, जिम्मेदारी किसकी
यदि प्रत्यक्षदर्शियों के दावे सही पाए जाते हैं, तो मामला गंभीर हो सकता है। सवाल है कि हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था? चालक की उम्र और ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की गई है या नहीं? वाहन के पंजीकरण संबंधी दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होने से घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकती हैं।
निष्पक्ष जांच से सामने आएगी सच्चाई
हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, वाहन के दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण है। यदि जांच में यातायात नियमों के उल्लंघन या किसी की लापरवाही की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल, स्कॉर्पियो की भूमिका और नाबालिग के वाहन चलाने के दावे की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। संबंधित पक्ष का बयान और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




