किसानों की शिकायत पर डीएम सख्त
लापरवाही बरतने वाले विभागों को चेतावनी
किसान दिवस में गूंजे खाद, बिजली और सड़क के मुद्दे, 100 किसानों ने रखीं समस्याएं
गेहूं, सरसों व दलहन के बीज पर 50 प्रतिशत तक अनुदान, ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
सहारनपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
सहारनपुर कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित किया गया। इसमें जनपद के करीब 100 किसानों ने कृषि, गन्ना, विद्युत, लोक निर्माण और उद्यान विभाग से जुड़ी समस्याएं उठाईं।
जिलाधिकारी ने शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि उन्हें अपनी शिकायतों के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों के निस्तारण में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। बैठक के दौरान लोक निर्माण और विद्युत विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताई। मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि आगामी किसान दिवस में सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, जिससे किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान कराया जा सके।
डीएपी और यूरिया की उपलब्धता, बीज पर मिलेगा अनुदान
जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार ने बताया कि जनपद में डीएपी और यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि बीज, कीटनाशक और उर्वरक खरीदते समय पक्का बिल अवश्य लें इससे किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि गेहूं, सरसों और दलहन की बुवाई के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल agriculture.up.gov.in पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने किसानों से अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाने की भी अपील की, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर बढ़ाएं फसल उत्पादन
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. बिरेंद्र कुमार वर्मा ने किसानों को रबी फसलों की समय से बुवाई करने, उन्नत प्रजातियों के बीज चुनने तथा सरसों की फसल में सल्फरयुक्त उर्वरक और सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार किया जा सकता है।
प्रगतिशील महिला कृषक सुभावरी चौहान ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने खेती में उपयोगी प्राकृतिक तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और किसान मौजूद रहे।




