एमएलसी चुनाव में पट्टी क्षेत्र का प्रभारी बनाए जाने की चर्चा से कार्यकर्ताओं में नाराजगी
जिला नेतृत्व के फैसले पर पार्टी के भीतर असमंजस, आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार
प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
समाजवादी पार्टी में जिला पंचायत सदस्य पट्टी प्रथम जुबेद अहमद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद भी उन्हें एमएलसी चुनाव में 330-अ कार्यालय क्षेत्र समिति पट्टी का प्रभारी बनाए जाने की चर्चा ने स्थानीय सियासत में हलचल मचा दी है। इस फैसले को लेकर पट्टी विधानसभा क्षेत्र के कुछ सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि सपा के जिला महासचिव की ओर से जुबेद अहमद को एमएलसी चुनाव के मद्देनजर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी नेतृत्व की ओर से आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। ऐसे में यह मामला स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
निष्कासन के बाद जिम्मेदारी मिलने पर उठे सवाल
पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जुबेद अहमद को संगठन से निष्कासित किया जा चुका है, तो उन्हें चुनाव जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी किस आधार पर सौंपी गई। कार्यकर्ताओं के बीच इस फैसले को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हो रही हैं। इसे संगठनात्मक निर्णय और पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

संगठनात्मक अनुशासन और नेतृत्व की भूमिका पर नजर
एमएलसी चुनाव की तैयारियों के बीच सामने आए इस घटनाक्रम ने पट्टी क्षेत्र में सपा के संगठनात्मक समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक दृष्टि से चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं की एकजुटता और संगठनात्मक अनुशासन महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस फैसले को लेकर उठ रहे सवालों पर जिला नेतृत्व का रुख अहम होगा।
फिलहाल, जुबेद अहमद को जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा और कार्यकर्ताओं की कथित नाराजगी के बीच पार्टी के आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है। नेतृत्व की ओर से स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि यह निर्णय किस आधार पर लिया गया और संगठन में इसे लेकर क्या स्थिति है।




