युवाओं और छात्रों से बोले कांग्रेस नेता, पुलिस की कार्रवाई का वीडियो बनाकर साझा करें
प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर, ज्यादती करने वालों पर कार्रवाई का दिया संदेश
नई दिल्ली/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विरोध-प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों के समर्थन में पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सख्त संदेश दिया है। प्रदर्शनकारियों के साथ आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने युवाओं से पुलिस की कार्रवाई का वीडियो बनाने और उससे जुड़े साक्ष्य सुरक्षित रखने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा कि सभी छात्र और युवा घटनाओं के सबूत जुटाएं और उन्हें साझा करें, ताकि किसी भी तरह की कथित ज्यादती को सामने लाया जा सके।

राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से कहा, ”पुलिस की वीडियो बनाइए, सभी बच्चे एविडेंस (सबूत) रखें और हमें शेयर करें।” उनके इस बयान को विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका पर निगरानी रखने और घटनाओं के दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने की अपील के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि प्रदर्शनकारियों के साथ होने वाली किसी भी कथित अनुचित कार्रवाई को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
ज्यादती करने वालों पर कार्रवाई का दिया संदेश
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में कहा कि जब समय आएगा, तब ऊपर से लेकर नीचे तक किसी को बख्शा नहीं जाएगा और ज्यादती करने वालों को सजा दिलाई जाएगी। उनके इस बयान से प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही तय करने की मांग सामने आई। राहुल गांधी ने जिस अंदाज में अपनी बात रखी, उससे प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने का प्रयास भी नजर आया।
राजनीतिक विरोध के साथ सामाजिक न्याय का मुद्दा
राहुल गांधी के बयान को राजनीतिक और सामाजिक, दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर कांग्रेस पुलिस की कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रही है,वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी युवाओं के अधिकारों और उनकी शिकायतों को सुनने की जरूरत भी रेखांकित हो रही है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखना, दोनों महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में किसी भी कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित कदम उठाना जरूरी है।

राहुल गांधी की अपील से प्रदर्शनकारियों के बीच अपने पक्ष के साक्ष्य सुरक्षित रखने का संदेश गया है। हालांकि, कथित ज्यादती के आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित घटनाओं, वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक होगी।




