दिग्विजय दिवस पर विवेकानंद प्रतिमा पर माल्यार्पण, स्वदेशी और स्वावलंबन का लिया संकल्प
युवाओं से आह्वान : उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
जनपद सुलतानपुर मे स्वामी विवेकानंद के 11 सितंबर 1893 को अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म महासभा के मंच से दिए गए ऐतिहासिक उद्बोधन की स्मृति में शुक्रवार को स्वदेशी जागरण मंच की ओर से दिग्विजय दिवस मनाया गया। इस दौरान विवेकानंद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके विचारों को आत्मसात करने और स्वदेशी, स्वावलंबन व राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता आशीष तिवारी ने की।कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत सह प्रचार प्रमुख धर्मेंद्र द्विवेदी ने सर्वेशा राज को संगठन की सदस्यता दिलाई। सदस्यता ग्रहण करने के बाद सर्वेशा राज ने संगठन एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राष्ट्रप्रेम और राष्ट्र निर्माण की भावना समाज को एकजुट करने का कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि स्वावलंबी नागरिक और स्वदेशी अर्थव्यवस्था ही मजबूत एवं आत्मनिर्भर भारत का आधार है।प्रांत महिला समन्वयक नीलम त्रिपाठी ने कहा कि दिग्विजय दिवस के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। नई पीढ़ी को स्वामी विवेकानंद के विचारों और भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए ऐसे कार्यक्रमों को व्यापक स्वरूप दिया जाना चाहिए।
विभाग महिला प्रमुख शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि 11 सितंबर 1893 भारतीय इतिहास में गौरव और आत्मविश्वास का प्रतीक है। शिकागो में स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चिंतन, सहिष्णुता और विश्वबंधुत्व का संदेश दुनिया तक पहुंचाया।जिला महिला प्रमुख रश्मि ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वामी विवेकानंद ने शिकागो पहुंचकर जिस आत्मविश्वास के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया, वह आज भी प्रेरणा देता है। उन्होंने दुनिया के सामने भारत को ज्ञान, दर्शन, अध्यात्म और मानवता की भूमि के रूप में प्रस्तुत किया।विभाग विचार प्रमुख डॉ. अशोक मिश्रा ने कहा कि शिकागो का उद्बोधन केवल एक भाषण नहीं, बल्कि भारतीय आत्मचेतना को जगाने वाला शंखनाद था।
इससे भारतीयों में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति गौरव तथा राष्ट्रीय चेतना का भाव मजबूत हुआ।कार्यक्रम का संचालन करते हुए धर्मेंद्र द्विवेदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश आज भी भारत को अपनी शक्ति पहचानने और विश्व कल्याण में प्रभावी भूमिका निभाने की प्रेरणा देता है। स्थानीय उत्पादों, किसानों, कारीगरों, लघु उद्यमियों और युवाओं को प्रोत्साहन देकर स्वावलंबी भारत के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
युवा प्रमुख ऋषभ पांडे ने युवाओं का आह्वान करते हुए स्वामी विवेकानंद के प्रेरक मंत्र—“उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”—को जीवन में अपनाने की अपील की। विभाग संयोजक राजीव तिवारी ने उपस्थित लोगों से स्वदेशी, स्वावलंबन, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ दिग्विजय दिवस का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।इस अवसर पर नवरंग सिंह, सुधा सिंह, विजय प्रधान, जनार्दन यादव, शशि द्विवेदी, नंदलाल प्रजापति, किरण पांडे, दीपक मिश्रा, इरफान, पंकज भार्गव, कुंदन पांडे, हेमलता, पूजा यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।




