बिहार/पटना/Etv News 24
लोकसभा ने गुरुवार को राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। इससे पहले यह विधेयक राज्यसभा से भी मंजूरी प्राप्त कर चुका है। अब राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह कानून बन जाएगा। संशोधन के तहत राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 3 में बदलाव किया गया है। अब राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के साथ-साथ राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालना या उसके अपमान को भी दंडनीय अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन वर्ष की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान होगा। सरकार का कहना है कि अब तक 1971 के कानून में राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रीय गान को कानूनी संरक्षण प्राप्त था, लेकिन राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ इसके दायरे में शामिल नहीं था। इसी कमी को दूर करने के लिए यह संशोधन लाया गया है। हाल ही में गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत के गायन एवं वादन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, यदि किसी कार्यक्रम में दोनों प्रस्तुत किए जाएं तो पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही दोनों के अधिकृत शब्दों और सही उच्चारण का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।




