तिलौथू रोहतास/ Etv News 24
इस्लामी वर्ष के पहले महीने मोहर्रम की 10वीं तारीख को यौमे आशूरा कहा जाता है। यह दिन विशेष रूप से हज़रत इमाम हुसैन रज़ियल्लाहु अन्हु और उनके 72 साथियों की कर्बला में हुई शहादत की याद में मनाया जाता है। उन्होंने अन्याय और अत्याचार के सामने सिर झुकाने के बजाय सत्य, न्याय और इस्लाम की मूल शिक्षाओं की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इसलिए यौमे आशूरा त्याग, सब्र, ईमान और इंसाफ़ का प्रतीक माना जाता है।भारत के विभिन्न क्षेत्रों में इस दिन ताज़िया जुलूस निकाले जाते हैं। जुलूस में लोग इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद कर अनेक स्थानों पर सबील लगाकर राहगीरों को पानी और शरबत पिलाया जाता है, जो कर्बला में प्यास की याद भी दिलाता है। मोहर्रम की 10वीं तारीख को या स्थानीय परंपरा के अनुसार निर्धारित समय पर ताज़िया पहलाम किया जाता है। पहलाम का अर्थ है ताज़िए को कर्बला या निर्धारित स्थल पर सम्मानपूर्वक सुपुर्द करना। यह किसी उत्सव का समापन नहीं, बल्कि इमाम हुसैन की महान कुर्बानी को श्रद्धापूर्वक याद करने की परंपरा है। यौमे आशूरा हमें यह शिक्षा देता है कि सत्य, न्याय, धैर्य और मानवता की रक्षा के लिए हर कठिनाई का सामना करना चाहिए। इमाम हुसैन रज़ियल्लाहु अन्हु का संदेश आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत है। तिलौथू मोहर्रम कमिटी और महाराजगंज मोहर्रम कमिटी के लोगों ने उर्दू मध्य विद्यालय बालक के सामने मैदान में अपना अखाड़ा लगाया इसमें नवादा से आए हुए 08 खिलाड़ियों ने तरह तरह के खेल दिखा कर दर्शकों का दिल खुश कर दिया।साथ ही तिलौथू और महाराजगंज कोड़र के खिलाड़ियों ने भी अपना खेल दिखाया।इस आयोजन का संचालन एजाज़ अहमद और एमडी मुख्तार ने किया।मारूफ अख्तर खलीफा और उनके सहयोगी,कल्लन खान,सफीक रज़ा,नदीम रज़ा,हर समय उपलब्ध रहे।तिलौथू पुलिस प्रशासन की अहम भूमिका रही इस कार्यक्रम को शांति पूर्वक संपन्न कराने में।थानाध्यक्ष शुभम कुमार अपने दल बल के साथ इस अवसर पर अपनी पैनी नजर बनाए रखा।साथ इस आयोजन के मजिस्ट्रेट मिथिलेश यादव,समाजसेवी प्रतिनिधियों जिसमें प्रखंड प्रमुख कामता सिंह,सत्येंद्र द्विवेदी, योगेन्द्र कुशवाहा,अजीत कुमार,सरयू यादव,सहित बहुत सारे समाज सेवियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।रात्रि 11 बजे शांति पूर्वक ढंग से अखाड़ा अपने तय शुदा रूट के साथ पहलाम किया गया।और इस तरह पूरे प्रखंड से कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं सुनी गई।



