सासाराम/रोहतास/Etv News 24
रोहतास वन क्षेत्र के माढा एवं दियाडीह गांव के समीप स्थित हसुलिया ढोहर चेक डैम में मानसून से पहले फिर से दरार उभर आने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 60 लाख रुपये की लागत से बनाए गए इस डेम के निर्माण में शुरू से ही अनियमितता बरती गई, जिसके कारण मरम्मत के बाद भी डेम सुरक्षित नहीं रह सका।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान डैम का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद विभाग द्वारा मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कराया गया, लेकिन अब बारिश शुरू होने से पहले ही डेम की दीवार में लंबी दरार दिखाई देने लगी है। लोगों का कहना है कि तेज बारिश और पहाड़ी पानी के दबाव में डैम दोबारा टूट सकता है, जिससे आसपास के इलाके में खतरा बढ़ जाएगा।स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कटाव रोकने के लिए डैम किनारे लगाए गए पत्थर तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बड़े और मजबूत बोल्डर लगाने की जगह छोटे पत्थरों का इस्तेमाल किया गया, जिससे डैम की मजबूती कमजोर पड़ गई। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में केवल खानापूर्ति की गई है। ग्रामीणों ने सरकार द्वारा जल संरक्षण एवं वन्यजीवों के लिए बनाए गए इस डेम में सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई है। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कर दोषी एजेंसी और संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।



