समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
समस्तीपुर के स्थानीय विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि स्वास्थ्य विभाग के एक आंकड़ा के अनुसार समस्तीपुर जिला में एक माह में कम से कम 15 बच्चों की मौत उचित उपचार व देख रेख के अभाव में हो जाती है। चूंकि अधिकतर मौत रेफर किए जाने के बाद हायर सेंटर पहुंचने के बीच हो जाती है। इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए उनके अथक प्रयास से समस्तीपुर सदर अस्पताल में लगभग 28.9 करोड़ की लागत से 100 बेड क्षमता वाला चाइल्ड एंड मैटरनिटी सेंटर का निर्माण कराया गया है, जहां कुपोषित मां और बच्चों को अब डीएमसीएच और पीएमसीएच जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस भवन में स्पेशल चाइल्ड केयर यूनिट, पीकू वार्ड, आईसीयू और पैथोलॉजी जांच की व्यवस्था है।उन्होंने बताया कि इस सेंटर से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत मिलेगी और निजी क्लीनिक के आर्थिक दोहन से बच सकेंगे। साथ ही 15.5 करोड़ की लागत से 100 बेड वाली मॉडल अस्पताल भवन और लगभग 55 करोड़ की लागत से समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सभी पंचायतों में स्वास्थ्य केंद्र भवनों का निर्माण कराया गया है। पशु अस्पताल के जर्जर भवन और पशुपालकों की समस्याओं को देखते हुए बिहार विधानसभा में कई बार मुद्दा उठाया गया जिसके परिणामस्वरूप 2.25 करोड़ की लागत से मवेशी अस्पताल भवन का निर्माण संभव हो सका। शिक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि समस्तीपुर जिला में सदैव सौतेला व्यवहार किया गया है। विद्यालयों को उत्क्रमित तो कर दिया गया, लेकिन भवनों का घोर आभाव था। इस पर भी उन्होंने विभागीय मंत्री को पत्राचार और सदन में आवाज बुलंद की। फलस्वरूप 120 करोड़ की लागत से नए भवनों का निर्माण कराया गया है। उच्च शैक्षणिक संस्थान जैसे संत कबीर कॉलेज, बीआरबी कॉलेज और आईटीआई कॉलेज मोरदीवा में 95 करोड़ की लागत से भवन निर्माण संभव हो सका है।विधायक शाहीन ने कहा कि छात्रावास की कमी से छात्र-छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस दिशा में पहल करते हुए 15 करोड़ की लागत से अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला और अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण कराया गया है। वहीं समस्तीपुर में जीर्ण अवस्था में पड़ी लाइब्रेरी और पुस्तकों की कमी को देखते हुए उनके प्रयास से 2 करोड़ की लागत से शहर में सेंट्रल लाइब्रेरी एवं पार्क का निर्माण कराया जा रहा है।



