करगहर रोहतास/Etv News 24
उन्नत प्रजाति के प्रमाणिक बीज से धान की उत्पादकता बढ़ाने के नाम पर कंपनियों द्वारा घटिया और मिश्रित बीज मांगे दामों में बेचकर धोखा घड़ी करने का मामला प्रकाश में आया है । इसका खुलासा तब हुआ जब किसानों ने धान रोपाई के डेढ़ माह बाद खेतों से अवांछित खरपतवारों को निकलने का कार्य शुरू किया । जब खेतों में चारों ओर ( झरगां ) मिश्रित पौधा देखा तो किसानों के होश उड़ गए ।किसानों ने बताया कि करगहर स्थित एक बीज भंडार से उन्होंने महंगे दर पर उन्नत किस्म की प्रमाणित बीज की खरीदारी की थी । विक्रेता ने उन्हें गारंटी और आश्वासन दिया कि कृषि विभाग द्वारा प्रमाणित बीज कंपनी है । जिसमें अन्य प्रजातियों के उत्पादन से दुगनी पैदावार होती है । विक्रेता के विश्वास में आकर क्षेत्र के सैकड़ो किसानों ने उक्त कंपनी का बीज दुकानदार से खरीदारी की । बिचड़ा तैयार होने पर किसानों को उन्नत बीज होने पर संदेह हुआ तो शिकायत की लेकिन विक्रेता ने पुनः आश्वासन दिया कि आप लोग धान की रोपाई करिए मैं देख लूंगा।धान रोपाई के तुरंत बाद उन्होंने डीएपी और यूरिया का छिड़काव किया। तत्पश्चात् 2 माह बाद खेतों में पूर्ण रूप से (झरंगां ) अवांछित पौधे उग आए । पौधे विक्रेता को दिखाया गया तब उसने कंपनी के एक अधिकारी को बुला कर जांच कराई । सोहवलिया किसान रमेश पांडेय ने बताया कि उक्त बीज के बिचड़े से 25 बीघे धान की फसल लगाई है । बेरी बांध गांव के किसान विकास कुमार 10 बीघा, परमेश्वर गुप्ता 5 बीघा संतोष कुमार 50 बीघा, गणपति सिंह, 60 बीघा, पप्पू सिंह जलालपुर 50 बीघा,विनोद साह सोहवलिया 5 बीघा, सुनील कुमार सिंह सोहवलिया 5 बीघा, प्रेमतोष सिंह उर्फ बंटी सिंह सिड़ी 15 बीघा सहित सैकड़ो किसानों ने उक्त बीज से धान की रोपाई की थी । जो पूर्णतः झरंगां निकल गया । उन्होंने बताया कि यह ऐसा अवांछित पौधा है जिसके दाने काफी मोटा होता है जो पकने के पूर्व ही खेतों में झड़ जाता है । उन्होंने बताया कि बीज कंपनी से बात की जा रही है । अगर उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला तो इसके विरुद्ध हुए न्यायालय में जाएंगे ।प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि किसानों का आवेदन पत्र उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है शिकायत के आलोक में बीज कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी ।



