प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
बिहार में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी और दलित सेना द्वारा चक्का जाम आंदोलन किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण के माध्यम से लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के खिलाफ विरोध करना है। यह आंदोलन इसलिए हो रहा है क्योंकि विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की नई प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण, जनविरोधी और गरीबों, दलितों, महादलितों और प्रवासी मजदूरों के खिलाफ है*आंदोलन के मुख्य बिंदु:*- *मतदाता सूची पुनरीक्षण*: विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया से लाखों लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा सकता है.- *चक्का जाम*: राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी और दलित सेना ने पूरे बिहार में चक्का जाम करने का आह्वान किया है.- *लोकतंत्र की रक्षा*: आंदोलनकारी लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हो रहे हैं और सरकार से चुनाव आयोग के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.*विपक्ष की मांग:*- *निर्वाचन आयोग के फैसले को वापस लेना*: विपक्षी दल चाहते हैं कि सरकार चुनाव आयोग के फैसले को वापस ले।- *मतदाता सूची संशोधन*: विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची संशोधन पर नियमित रूप से अद्यतन जानकारी साझा करने का अनुरोध किया है।यह आंदोलन बिहार की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, और देखना दिलचस्प होगा कि यह आंदोलन महागठबंधन को राजनीतिक मजबूती देता है या नहींमौके पर जिला अध्यक्ष विनय चौधरी, जिला मिडिया प्रभारी सह नगर अध्यक्ष उमाशंकर मिश्र,रविशंकर सिंह, चंद्रशेखर राय, राजा पासवान, रीता,पासवान, आदित्य कुमार, दीपक कुमार, दीपा कुमारी, सुनीता देवी, ममता देवी, खुशबू देवी, पिंकी देवी , बबलू पासवान , गोपाल शर्मा, सुंदर दास, राजेश कुमार, रवि कुमार, अरविंद पासवान, मनोज पासवान, संजय कुमार, जय नारायण शाह, प्रभु कुशवाहा, शत्रुघ्न पासवान, जानकी देवी, प्रमिला देवी, गुंजन कुमारी, ललिता देवी, फूलों देवी, पूनम साहनी, पप्पू कुमार, अंकित कुमार, मोहम्मद अली, मनीष कुमार, अजीत कुमार, रोशन कुमार, सुनील कुमार, डॉ विनोद सिंह, एवं राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी एवं दलित सेना हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



