करगहर रोहतास/Etv News 24
करगहर प्रखंड के पिपरा निवासी ददन राम का पुत्र सुनील कुमार बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि का था । मजदूर परिवार की आर्थिक स्थिति प्राइवेट विद्यालय और कान्वेंट पढ़ने की नहीं थी । मजदूर पिता ने उसका नामांकन समीप के आदर्श उच्च विद्यालय समहुता में कराया । लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और धैर्य पूर्वक परीक्षा दिया । जब परिणाम सामने आया तो सभी लोग चौंक गए ।
सुनील सुनील कुमार ने आयोजित मैट्रिक की परीक्षा में प्रदेश के टॉप टेन में नौवां स्थान प्राप्त किया । उसने 96.20% के साथ 481 अंक प्राप्त किया । परिणाम देखकर विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रसाद गुप्ता और शिक्षकों ने मेधावी छात्र और उसके माता-पिता के प्रति प्रसन्नता व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सुनील कुमार विद्यालय का नियमित छात्र था । किसी विषय की जानकारी के लिये शिक्षकों से मिलकर चर्चा करता था । प्रधानाध्यापक ने बताया कि मजदूर पिता के तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा भाई है सुनील । पिता की मजदूरी से परिवार व पढ़ाई का खर्च नहीं चला ऐसी स्थिति में माता भी मजदूरी का कार्य करती है ।
सुनील के पिता ने बताया कि मैट्रिक परीक्षा फी जमा करने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। इसके लिए दूसरे के आगे हाथ फैलानी पड़ी लेकिन पुत्र को एहसास नहीं होने दिया । काफी मुश्किल और चुनौती भरा था वह पल । सुनील कुमार राम ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति देखकर उसने अन्य बच्चों की तरह कपड़े व अन्य सामग्री के लिए जिद्द नहीं की किया । निरंतर अध्ययन करते रहा परिणाम स्वरुप यह सफलता उसे प्राप्त हुई है ।



