फरवरी 2027 तक 10 लाख सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता के माध्यम से बिहार के पुनर्जागरण की पहल
मदन कुमार
डेहरी ऑनसोन,रोहतास/Etv News 24
बिहार को विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अभियान के सदस्यता महाअभियान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की गई है। अभियान से जुड़े लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से वीडियो या टेक्स्ट संदेश साझा कर अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ें। अभियान का लक्ष्य फरवरी 2027 तक सदस्यों की संख्या 10 लाख के पार पहुंचाना निर्धारित किया गया था।
अभियान का शुभारंभ 22 मार्च 2021 को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव के मार्गदर्शन में हुआ था। इसका उद्देश्य जाति, संप्रदाय, लिंग और वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर बिहारवासियों को राज्य के विकास के लिए एकजुट करना है। अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार, अब तक 4.50 लाख से अधिक बिहारवासी इस पहल से जुड़कर विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने का प्रयास कर रहे हैं।
अभियान का लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित बिहार का निर्माण करना है। इसके तहत ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें बिहार के लोगों को शिक्षा, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहल
अभियान के तहत बिहार के 20 जिलों में 46 निःशुल्क शिक्षा केंद्र संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के करीब तीन हजार विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, अभियान से जुड़े चिकित्सकों के सहयोग से 300 से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनमें 60 हजार से अधिक जरूरतमंद लोगों का इलाज किया गया है।
उद्यमिता और रोजगार सृजन पर जोर
बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल की जा रही है। अभियान से जुड़े 600 स्टार्टअप के माध्यम से इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2028 तक बिहार के प्रत्येक जिले में कम से कम पांच ऐसे सफल स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें प्रत्येक के माध्यम से 100 से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। इसके लिए पटना सहित विभिन्न जिलों में स्टार्टअप सम्मेलन और उद्यमिता कॉन्क्लेव आयोजित किए जाते रहे हैं।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए संचालित गार्गी अध्याय से 40 हजार से अधिक महिलाओं के जुड़े होने की जानकारी भी दी गई है। इसके साथ ही बिहार से बाहर और विदेशों में रहने वाले बिहारवासियों को अपने गांव और शहर के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जनभागीदारी से विकसित बिहार का संकल्प
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि बिहार का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग और अंतिम व्यक्ति को विकास की प्रक्रिया से जोड़ा जाए। इसके लिए लाखों ऐसे नेतृत्वकर्ताओं की जरूरत है, जो निस्वार्थ भाव से अपने गांव, शहर और क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा सामाजिक विकास के लिए योगदान कर सकें।
अभियान से जुड़ने के इच्छुक लोग इसकी आधिकारिक वेबसाइट www.letsinspirebihar.org पर पंजीकरण कर सकते हैं। सदस्यता महाअभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर बिहार के सांस्कृतिक, सामाजिक, शैक्षणिक और औद्योगिक पुनर्जागरण की दिशा में सामूहिक प्रयास करने की अपील की गई है।
संदेश स्पष्ट है—मतभेदों से ऊपर उठकर बिहार के भविष्य के लिए एकजुट हों और विकसित बिहार के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। आइए, मिलकर प्रेरित करें बिहार!




