64 दिन बाद भी औपचारिक स्थगन नहीं,
संसदीय परंपराओं पर उठाए सवाल
लोकतांत्रिक मूल्यों और संसद की जवाबदेही का सम्मान करने की अपील
नई दिल्ली/Etv News 24/संवाददाता वागीश
संसद के मानसून सत्र को औपचारिक रूप से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने में हो रही असाधारण देरी पर कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चिंता जताई है। उन्होंने इस देरी को अभूतपूर्व बताते हुए संसदीय परंपराओं की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संसद की जवाबदेही का सम्मान किए जाने पर जोर दिया है।
खड़गे ने अपने पत्र में कहा कि संसद के दोनों सदनों के मानसून सत्र को औपचारिक रूप से स्थगित करने में हो रही देरी चिंता का विषय है। संसदीय कार्यवाही से जुड़ी परंपराओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।
पत्र के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। इसके बावजूद सत्र को औपचारिक रूप से स्थगित करने की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर खड़गे ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले पर ध्यान देने और संसदीय परंपराओं के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
खड़गे ने कहा कि संसद लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। ऐसे में सदन की कार्यवाही और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा स्थापित परंपराओं का पालन जरूरी है।




