तिकोनिया पार्क में दोपहर 12 से 3 बजे तक होगा प्रदर्शन
मुख्यमंत्री के नाम डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन
पेंशनरों ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों व्यवस्थाएं जारी रखने की उठाई मांग
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पत्रावली ऑनलाइन जमा करने की अनिवार्यता के विरोध में पेंशनर साथी आगामी दो नवंबर को तिकोनिया पार्क में धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में एक नवंबर को प्रस्तावित मासिक बैठक स्थगित कर दी गई है। अब यह बैठक धरने के रूप में दो नवंबर को दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक आयोजित की जाएगी।

पेंशनरों के अनुसार, शासन ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पत्रावली ऑनलाइन प्रस्तुत करने के संबंध में नौ सितंबर 2026 को शासनादेश जारी किया है। यह व्यवस्था एक नवंबर 2026 से लागू हो गई है। पेंशनरों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था अनिवार्य होने से चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पत्रावली जमा करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका तर्क है कि विधायकों के लिए ऑफलाइन व्यवस्था जारी है, ऐसे में पेंशनरों को भी ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से पत्रावली जमा करने का विकल्प दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर व्यवस्था में बदलाव की मांग
पेंशनर संगठन के प्रांतीय नेतृत्व ने शासनादेश के विरोध में प्रदेश के सभी जिलों में दो नवंबर को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में सुलतानपुर में भी धरना आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को मांगपत्र भेजा जाएगा।

इसमें चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पत्रावली ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से जमा करने की व्यवस्था जारी रखने की मांग की जाएगी। संगठन के अनुसार, इस प्रस्तावित धरने के संबंध में प्रांतीय नेतृत्व की ओर से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जा चुका है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील
पेंशनर संगठन ने सभी पेंशनर साथियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में धरने में शामिल होकर इसे सफल बनाएं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार के अशोभनीय नारे नहीं लगाए जाएंगे और न ही किसी व्यक्ति के विरुद्ध मुर्दाबाद जैसे नारेबाजी की जाएगी। संगठन ने सभी पेंशनरों से अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का आह्वान किया है।




