ओवरलोडिंग जांच के नाम पर अवैध वसूली के आरोप
रोहतास जिला परिवहन कार्यालय में कार्यरत प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ESI) घनश्याम कुमार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि सड़क पर वाहनों की जांच के दौरान ओवरलोडिंग के नाम पर वाहन चालकों को भय दिखाकर अवैध वसूली की जाती है और बाद में वाहनों को छोड़ दिया जाता है।
वायरल ऑडियो में क्या है दावा?
वायरल ऑडियो में कथित रूप से ESI घनश्याम कुमार के निजी चालक नीतिश कुमार और सासाराम के रहने वाले युवक के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। बातचीत में ₹95,000 के जुर्माने की बात कहकर ₹25,000 में मामला निपटाने का प्रस्ताव दिए जाने का दावा किया जा रहा है। साथ ही, संबंधित प्रवर्तन अवर निरीक्षक घनश्याम कुमार की आवाज होने की भी चर्चा है।
सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप
लोगों का आरोप है कि यदि नियमों के अनुसार चालान नहीं काटकर मौके पर ही कथित लेन-देन कर वाहनों को छोड़ा जा रहा है, तो इससे सरकारी राजस्व की क्षति हो रही है तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से नेटवर्क संचालित होने का आरोप
ट्रक मालिकों द्वारा यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि दलालों के माध्यम से व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किए जाते हैं, जिनमें वाहनों की आवाजाही और जांच संबंधी सूचनाएं साझा की जाती हैं। आरोप है कि इसी माध्यम से अवैध वसूली का नेटवर्क संचालित किया जाता है।
जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन कर जांच के आदेश दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया और उसकी निष्पक्षता पर टिकी हुई हैं।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल वायरल ऑडियो और लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। मामले की वास्तविकता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
ट्रक चालकों को धमकाने के आरोप
वाहन चालकों का कहना है कि प्रतिदिन सड़कों पर जांच के नाम पर उन्हें रोककर भारी जुर्माने की धमकी दी जाती है। आरोप है कि भय और दबाव बनाकर अवैध वसूली की जाती है, जिससे परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
वायरल ऑडियो को लेकर चर्चा तेज, जांच रिपोर्ट का इंतजार।



