तिलौथू रोहतास/Etv News 24
वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से ग्रामीणों को दो किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर काटने की मजबूरी।बिना सोंचे समझे पुल को तोड़ दिया गया। एक महीने में काम पूरा नहीं होने की आशंका से ग्रामीणों में आक्रोश।कभी कभी बारिश हो जाने से गढ़ा में पानी भर जा रहा है।पूरा कीचड़ हो का रहा है।सरैया, तिलौथू, भदसा का प्रखंड मुख्यालय से टूटा गया संपर्क।मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत तिलौथू बाजार स्थित तुतही नदी पर बन रहे नए पुल के निर्माण कार्य से स्थानीय ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। संवेदक ने बिना किसी वैकल्पिक लिंक मार्ग की व्यवस्था किए पुराने पुल को तोड़ दिया है। इससे हजारों की आबादी का प्रखंड मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है। यह मार्ग सेरहा और भदसा गांव के ग्रामीणों के लिए तिलौथू बाजार और प्रखंड मुख्यालय आने-जाने का प्रमुख रास्ता था। पुल के टूटने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।बरसात में बढ़ेगी ग्रामीणों की परेशानी।ग्रामीणों का कहना है कि बिना लिंक पथ दिए पुल तोड़ना पूरी तरह गलत है। इसके कारण अब लोगों को प्रखंड मुख्यालय पहुंचने के लिए दो किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को इस बात का भी डर सता रहा है कि जल्द ही बरसात का मौसम आने वाला है। तुतही नदी में सितंबर माह तक बहाव बना रहता है। ऐसी स्थिति में यदि बरसात के दौरान निर्माण कार्य रुक पड़ा, तो ग्रामीणों को लंबे समय तक भारी समस्याओं से जूझना पड़ेगा। पुल निर्माण स्थल पर लगे बोर्ड के अनुसार, यह पुल मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत 1010.843 लाख रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। बोर्ड पर अंकित जानकारी के मुताबिक, कार्य आरंभ की तिथि 12 जुलाई 2025 है और कार्य समाप्ति की अंतिम तिथि 11 जुलाई 2026 है। अब जबकि कार्य की समय-सीमा समाप्त होने में मात्र एक माह शेष रह गया है, तो स्थानीय लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या निर्माण एजेंसी इतने कम समय में पुल तैयार कर पाएगी। नदी में अक्सर पानी भर जाने के बाद काम रुक जाता है। ऐसे में निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा होना एक बड़ी चुनौती है।इस बाबत ग्रामीण पदाधिकारियों और पुलिस प्रशासन से लगातार शिकायत करते चले आ रहे हैं।लेकिनअधिकारियों ने साधी चुप्पी।इस संबंध में प्रभारी बीडीओ प्रवीण कुमार ने कहा कि अभी तक उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर इसकी जांच की जाएगी। वहीं, निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे मुंशी पीरू कुमार और ग्रामीण कार्य विभाग की जेई प्रियंका कुमारी से भी इस संबंध में जानकारी लेने के लिए फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। विभागीय अधिकारियों की चुप्पी से स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों से बात करने पर उनका कहना है कि पुल तोड़ने से पहले लिंक रोड बनना चाहिए था। हम लोगों को तिलौथू बाजार आने-जाने के लिए दो किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे भारी कठिनाई हो रही है। जो लोग भी दुकानदार हैं।उनको दिन में कई बार तिलौथू बाजार आना-जाना होता है। पुल तोड़ने के पहले वैकल्पिक व्यवस्था न होना सरासर गलत है। लंबी दूरी तय करना अब मजबूरी बन गया है। इस तपती धूप में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को दो से ढाई किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।जो बहुत ही बड़ी मुश्किल है।लेकिन लोगों को ऐसा करने पर मजबूर हैं।क्योंकि कई बार यह खबर मीडिया में प्रकाशित हुआ।लेकिन कुछ खासा प्रभाव नहीं पड़ा। पदाधिकारी और ठीकेदार को।



