तिलौथू रोहतास/ Etv News 24
क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं और किसानों को बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुरका फीडर को दो अलग-अलग भागों में विभाजित कर दिया गया है। अब एक फीडर से गांवों के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाएगी, जबकि दूसरे फीडर को विशेष रूप से कृषि कार्यों के लिए आरक्षित किया गया है। बिजली विभाग के इस निर्णय से लंबे समय से चली आ रही फॉल्ट और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है।जानकारी के अनुसार, पहले गांवों और कृषि कार्यों के लिए एक ही फीडर से बिजली आपूर्ति की जाती थी। ऐसे में कृषि मोटरों पर अधिक लोड पड़ने, तार टूटने या किसी तकनीकी खराबी के कारण पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो जाती थी। इसका असर सीधे ग्रामीण उपभोक्ताओं पर पड़ता था और लोगों को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ता था,अब फीडर के विभाजन के बाद गांव और कृषि क्षेत्र की बिजली आपूर्ति अलग-अलग संचालित होगी। इससे यदि कृषि फीडर में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी आती है तो गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। इसी प्रकार गांव के फीडर में फॉल्ट होने पर कृषि कार्यों के लिए बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। इससे बिजली व्यवस्था अधिक सुचारू और विश्वसनीय बनने की संभावना है,बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फीडर विभाजन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना तथा लाइन लॉस और तकनीकी समस्याओं को कम करना है। नई व्यवस्था से बिजली आपूर्ति की निगरानी और रखरखाव भी आसान होगा, जिससे फॉल्ट का पता लगाकर उसे शीघ्र ठीक किया जा सकेगा।
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने विभाग के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली मिलेगी और किसानों को सिंचाई के समय पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। लोगों को उम्मीद है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली कटौती और फॉल्ट की शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आएगी,हुरका फीडर के इस विभाजन को क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।



